औरैया। भीषण गर्मी के कारण शहर सहित जनपद की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है।
वहीं सोमवार रात बिधूना तहसील क्षेत्र में आंधी व बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। बिजली के 18 पोल टूट गए, 10 इंसुलेटर भी क्षतिग्रस्त हो गए। ऐसे में रात भर 170 गांवों की बिजली गुल रही।
सोमवार की रात बारिश के बाद हुई उमस भरी गर्मी ने लोगों की रात की नींद उड़ा दी। बिजली अधिकारियों के निर्देश पर लाइनमैनों की टीम ने रात में ही मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। टूटे बिजली के पोलों को लेकर वैकल्पिक इंतजाम किए गए।
उधर शहर के मोहल्ला ओमनगर में सोमवार रात ओवरलोडिंग के चक्कर में बिजली पोल के तारों में अचानक स्पार्किंग होने लगी। इससे आग लग गई। आग लगते ही आस पास के लोगों ने विद्युत विभाग को जानकारी दी। बिजली काटे जाने के बाद मोहल्ले के लोगों ने जल रही आग पर पानी डालकर काबू पाया। इसके बाद पहुंचे कर्मचारियों ने करीब एक घंटे बाद विद्युत व्यवस्था को बहाल किया। एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि सूचना पर कर्मियों को भेजा गया था। आग बुझाते हुए लाइन ठीक कराई गई थी।
रातभर चली मरम्मत फिर बहाल हुई सप्लाई
बिधूना। कस्बा सहित क्षेत्र में सोमवार रात आई तेज आंधी और बारिश से विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। तेज हवाओं और पेड़ गिरने से 33 केवी लाइन बाधित हो गई, इसके चलते कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। हालांकि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने रातभर मरम्मत कार्य करते हुए पहले कस्बा और फिर ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बहाल की। टीम ने रात करीब 12 बजे कस्बा बिधूना की विद्युत सप्लाई चालू करा दी।
विद्युत विभाग के जेई मोहित रस्तोगी ने बताया कि आंधी-पानी के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने से विद्युत पोल टूट गए थे। रठगांव, सूरजपुर, सुखचैनपुर समेत कई गांवों में पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। जहां पोल टूटे हैं वहां वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली आपूर्ति चालू कराई गई। ग्रामीण क्षेत्रों के पसुआ, विश्व बैंक और अन्य फीडरों की जांच के बाद सुबह करीब 10 बजे बिजली चालू करा दी गई।
रूपपुर कटरा उपकेंद्र के जेई महेंद्र प्रसाद ने बताया कि आंधी पानी से कई जगह बिजली सप्लाई बाधित हुई। ग्रामीण कीरतपुर फीडर के लगभग 17 गांव की बिजली गुल रही। कीरतपुर निवासी सोनू ने बताया दोपहर तक बिजली नहीं आई है। रामपुर निवासी मोनू शाक्य ने बताया रात को आंधी के बाद दोपहर बाद तक बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। (संवाद)
रातभर अंधेरे में रहे 150 गांवों के लोग
एरवाकटरा। सोमवार शाम आई तेज आंधी और बूंदाबांदी ने क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। आंधी के चलते 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से सोमवार शाम करीब 7:30 बजे बाधित हुई बिजली आपूर्ति देर रात तक बहाल हुई। इससे क्षेत्र के करीब 150 गांवों और मजरों के लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
विद्युत विभाग की टीम रातभर लाइन की पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में जुटी रही। रात करीब 2 बजे विद्युत उपकेंद्र तक आपूर्ति बहाल हो सकी। हालांकि, उमरैन फीडर की 11 केवी लाइन में आए फॉल्ट के कारण उससे जुड़े करीब 25 गांवों में बिजली आपूर्ति सुबह तक बाधित रही। सुबह करीब 7 बजे लाइन दुरुस्त होने के बाद उमरैन फीडर की सप्लाई बहाल की जा सकी।
एरवाकटरा उपकेंद्र से उमरैन, एरवाकटरा, समायन, दोबामाफी और गाजीपुर सहित पांच फीडरों के माध्यम से करीब 150 गांवों और मजरों को बिजली आपूर्ति की जाती है। अवर अभियंता कुलवंत सिंह ने बताया कि तेज आंधी के कारण 33 केवी लाइन के 10 इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए जबकि 11 केवी लाइन के तीन पोल टूट गए।
इसके अलावा बहादुरपुर रूरू और उमरैन क्षेत्र में 25 केवी के दो ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि रात्रि में क्षतिग्रस्त इंसुलेटर बदलकर सप्लाई बहाल कर दी गई है जबकि क्षतिग्रस्त पोल बदलने का कार्य जारी है। (संवाद)
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बिजली संकट से परेशानी
सहार। क्षेत्र में इन दिनों बिजली की अघोषित कटौती और बार-बार हो रहे फॉल्ट से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पावर हाउस पुर्वा सुजान से आने वाली विद्युत सप्लाई लगातार बाधित हो रही है।
कई गांवों में लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। अवर अभियंता आफताब आलम ने बताया कि ऊपर से निर्धारित रोस्टिंग के कारण कई बार सप्लाई बंद करनी पड़ती है। अचानक फॉल्ट आने से भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है। (संवाद)
फोटो -29- ओवरलोडिंग के कारण ओमनगर मोहल्ले के खंभे में जलती आग। संवाद- फोटो : 1
फोटो -29- ओवरलोडिंग के कारण ओमनगर मोहल्ले के खंभे में जलती आग। संवाद- फोटो : 1