औरैया। जिले में सोमवार रात रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश का यह सिलसिला मंगलवार सुबह बूंदाबांदी तक जारी रहा। वहीं दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। रातभर में हुई 16.9 मिमी बारिश ने धान की फसल करने वाले किसानों के चेहरे खिला दिए। हालांकि रातभर हुई बारिश के चलते कहीं पर कच्चे मकान ढह गए तो कहीं पर जलभराव रहा।
पिछले तीन दिनों से लगातार आसमान में बादल छाए रहने की वजह से सूर्य देवता के दर्शन मंगलवार को भी नहीं हो सके। वहीं, सोमवार रात 10 बजे के बाद एकाएक बारिश शुरू हो गई। रुक-रुककर पूरी रात बारिश होती रही। मंगलवार सुबह बारिश थमने के बाद किसानों ने खेतों का रुख किया तो धान की फसल में पर्याप्त पानी देख राहत महसूस की। हालांकि मक्का व बाजरा की फसलों में कीट का प्रकोप बढ़ा है। ऐसे में किसान खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करते नजर आए।
वहीं, शहर के दिबियापुर रोड पर दिन के समय वाहनों का आवागमन खतरे के बीच रहा। यहां जलभराव के बीच वाहन निकले। इसके पीछे की वजह यह है कि सड़क के दोनों तरफ नाला ऊंचाई पर बना दिया गया है, जबकि सड़क नीचे है। इसके चलते जलभराव हो जाता है। वहीं, बाईपास पर भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। यहां पर गोविंदनगर मोहल्ले को जाने वाला रास्ता ही डूब गया। ऐसे में लोग दूसरे रास्तों से निकलते नजर आए।
रात में हुई बारिश के बाद सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई लेकिन दिनभर बादल छाए रहे। लगातार हो रही बारिश के बीच मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री पर ही थम गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री पहुंचा। वहीं, अगले 24 घंटे में 3.5 मिमी बारिश की आशंका मौसम विभाग ने जताई है।
फोटो-21- कच्ची छत का गिरा मलबा। संवाद
रातभर हुई बारिश के बाद दिन में ढह गया कच्चा मकान
अटसू। अजीतमल तहसील क्षेत्र के एमा पैगंबरपुर गांव में लगातार हो रही बारिश के चलते मंगलवार को सुरेश तिवारी का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान की छत गिरने से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हादसे के समय मकान के अंदर कोई मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया। कोई जनहानि नहीं हुई। सुरेश तिवारी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कच्चे मकान की छत कमजोर हो गई थी। मंगलवार को अचानक छत का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। छत के मलबे में घर-गृहस्थी का सामान दब गया। मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार के सामने रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है। तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि लेखपाल को भेजकर निरीक्षण करवाकर रिपोर्ट तैयार करवाई जाएगी।
सेंगर नदी पुल के पास सड़क कई जगह धंसी
फोटो-22- अछल्दा-महेवा रोड पर सेंगर नदी पुल के पास धंसा सड़क का किनारे का हिस्सा। संवाद
अछल्दा। अछल्दा व बिधूना क्षेत्र को इटावा से जोड़ने वाले महेवा मार्ग पर बारिश के चलते सड़क का किनारा कई जगह धंस गया है। तीन साल पहले 10 करोड़ की लागत से बनाई गई इस सड़क की बारिश ने पोल खोल दी है। इस सड़क पर चिमकुनी गांव के पास सेंगर नदी पुल के समीप कई जगह पर सड़क का कटान हो गया है। हालांकि मंगलवार को यहां पर पीडब्ल्यूडी के जेई राजेश पिपलानी पहुंचे। सड़क के धंसे हुए हिस्से का जायजा लेते हुए ठेकेदारों को जेसीबी से पटरी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी जेई राजेश पिपलानी ने बताया कि बुधवार को बुलडोजर से सड़क के किनारे दुरुस्त कराए जाएंगे। बारिश थमने के बाद इसे और पुख्ता करा दिया जाएगा।
वर्जन
सोमवार रात 16.9 मिमी बारिश हुई है। इस सीजन की अभी तक की अच्छी बारिश रही है। धान की फसल के लिए ये लाभदायक रहेगी। वहीं मक्का व बाजरा में कीटों का प्रकोप बढ़ा है। ऐसे में दवा का छिड़काव करना होगा। अगले 24 घंटे में 3.5 मिमी बारिश होने की संभावना है। डॉ. रामपलट सिंह, मौसम वैज्ञानिक
शहर के दिबियापुर रोड पर जलभराव के बीच निकलते वाहन। संवाद
शहर के दिबियापुर रोड पर जलभराव के बीच निकलते वाहन। संवाद
शहर के दिबियापुर रोड पर जलभराव के बीच निकलते वाहन। संवाद