दिबियापुर (औरैया)। ओडिसा से चुनकर संसद पहुंचे प्रताप चंद्र सारंगी के मंत्री बनने के बाद ककोर निवासी रविंद्र कुमार पाल उर्फ दारा सिंह के क्योंझर उड़ीसा जेल छुड़ाने की कोशिश शुरू की गई है। उसके भाई अरविंद सिंह पाल घटना के समय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रहे एवं वर्तमान में केंद्रीय मंत्री बने प्रताप सिंह सारंगी के दर पर जाएंगे। गृह मंत्री अमित शाह का भी दरवाजा खटखटाएंगे।
22 जनवरी 1999 को ग्राह्म स्टीवर्ट स्टेंस एवं उसके दो बेटों फिलिप एवं टिमोती की कार समेत जलाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दारा सिंह समेत 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अरविंद के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह एवं उसके एक साथी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अरविंद सिंह क्योंझर उड़ीसा से आए कई कागजात दिखाते हुए बताते हैं कि वर्ष 2017 एवं वर्ष 2018 में उस समय बड़े भाई दारा सिंह के जेल से छूटने की आस जगी थी। जब क्योंझर के जेल अधीक्षक ने औरैया के तत्कालीन डीएम को दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई के लिए आख्या मांगते हुए पत्र लिखा था। दोनों ही बार तत्कालीन डीएम एवं एसपी ने समय पूर्व रिहाई की संस्तुति की थी। परंतु अभी तक उनके भाई की रिहाई नहीं हो पाई है।
प्रताप चंद्र सारंगी के मंत्री बनने पर उन्हें अपने भाई की रिहाई की उम्मीद जगी है। अरविंद पाल बताते हैं कि वर्ष 2010 में पिता मिहीलाल एवं वर्ष 2014 में मां राजरानी का निधन हो गया। घर में सबसे बड़े होने के बावजूद दारा सिंह को अंत्येष्टि तक के लिए पैरोल नहीं मिली। बताया कि आज भी माता-पिता की अस्थियां विसर्जन के लिए रखीं हैं। बड़े भाई के आने के बाद ही माता पिता की अस्थियां संगम में विसर्जित करेंगे।