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Auraiya News: जिलेभर में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे 1515 ट्रैक्टर

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औरैया। बिना पंजीकरण वाहनों का संचालन सीधे तौर पर मानकों का उल्लंघन है।
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सख्त कार्रवाई होने पर बेला में पिछले दिनों ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीज करने के बाद जिले के परिवहन अधिकारियों को खूब मशक्कत करनी पड़ी थी। जिलेभर में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे वाहनों की फेहरिस्त चौंकाने वाली है। जिले में 1515 ट्रैक्टर ऐसे हैं, जिनका पंजीकरण लंबित है। बिना पंजीकरण के ये वाहन फर्राटा भर रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों की अनदेखी बरकरार है।
सड़क पर बिना पंजीकरण संचालित होने वाले वाहनों पर सीज की कार्रवाई का प्रावधान है। जुर्माना व जरूरी पंजीकरण के बाद ही इन्हें छोड़ा जाना चाहिए। आलम यह है कि जिलेभर में कुल 15,330 वाहन ऐसे हैं, जिनका पंजीकरण खत्म हो गया है। इसके बाद भी ये वाहन बहुतायत में फर्राटा भरते हैं। हादसा होने व प्रवर्तन कार्य के दौरान ये पकड़े भी जाते हैं। चौकाने वाली बात ट्रैक्टरों को लेकर है। यहां पर 1515 ट्रैक्टर बिना पंजीकरण के एआरटीओ कार्यालय की साइड पर दर्ज दिख रहे हैं। 12,689 दोपहिया वाहन बिना पंजीकरण के हैं। वहीं, मोपेड 100 के करीब हैं। 971 कार की संख्या हैं। बहुतायत में ये वाहन मानकों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। यही वाहन हादसों का सबब भी बनते हैं।
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1417 वाणिज्यिक वाहनों की फिटनेस भी हो चुकी एक्सपायर
दुर्घटनाएं न हो इसके लिए फिटनेस के मानक काफी कुछ अहमियत रखते हैं। एआरटीओ कार्यालय में इसे लेकर सालभर कवायद चलती रहती है। इस सब के बीच जिलेभर में 1471 वाणिज्यिक वाहनों में फिटनेस एक्सपायर हो चुकी है। इसे वाहन संचालकों ने दोबारा नहीं कराया। सवारियों के मामले में 10 बसों की फिटनेस लंबित हैं। वहीं, 377 ऑटो भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं। ट्रांसपोर्ट से जुड़े 350 माल वाहकों की भी फिटनेस बाकी है। इस कड़ी में वाणिज्यिक वाहनों में 555 कारें भी बिना फिटनेस की हैं। सात एंबुलेंस, निर्माण मशीनों से जुड़े 11 वाहन, पांच क्रेनों समेत कुल 1471 वाणिज्यिक वाहनों की लंबी फेहरिस्त बिना फिटनेस वाली हैं।
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साल दर साल बढ़ रही बिना फिटनेस वाले वाहनों की संख्या
साल 2021-22 में बिना फिटनेस वाले वाणिज्यिक वाहनों की संख्या 503 थी। साल 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 765 हो गई। साल 2024 में यह संख्या बढ़कर 1471 हो गई है। आंकड़ों पर गौर करें तो एक साल के अंतर में बिना फिटनेस वाले वाहनों की संख्या दोगुनी हो गई है। ये आंकड़े चौकाने वाले हैं। विभागीय अधिकारियों की कवायद को लेकर काफी ढर्रा बदलने के लिए संकेत कर रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार
इतनी बड़ी संख्या में जो वाहन रिन्यूअल के लिए लंबित हैं, उनमें अधिकांश वाहन या तो नष्ट हो चुके हैं या फिर उनके रिन्यूअल नहीं कराए गए हैं। यह जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होती है। यदि कोई ऐसा वाहन जिसकी मियाद पूरी हो चुकी है और सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे वाहन संज्ञान में आने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कुछ वाहन ऐसे संज्ञान में आए थे, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। -सुधेश तिवारी, एआरटीओ, औरैया
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