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Atiq Ashraf Murder: शूटरों से SIT ने पूछे ये सवाल, अतीक-अशरफ के अस्पताल लाने की खबर कैसे मिली? मिला ये जवाब

Thu, 20 Apr 2023 09:26 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड के शूटरों से कस्टडी रिमांड के पहले दिन (बुधवार को) दो राउंड में पूछताछ हुई। हत्या की वजह पूछने पर उन्होंने फिर अपना पुराना बयान दोहराया कि वह नाम कमाना चाहते थे। एसआईटी अफसरों ने पूछा कि वह किसी और को भी चुन सकते थे और उन्होंने अतीक व अशरफ को ही क्यों टारगेट किया, तो तीनों ने चुप्पी साध ली।
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अतीक और अशरफ की हत्या। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माफिया अतीक अहमद और भाई अशरफ की हत्या के मामले में एसआईटी जांच में जुटी है। एसआईटी की टीम आरोपी शूटरों से पूछताछ में जुटी है। शूटरों से कस्टडी रिमांड के पहले दिन दो राउंड में पूछताछ हुई। वहीं, पुलिस तीनों शूटरों को लेकर रिमांड के दूसरे दिन घटनास्थल कॉल्विन अस्पताल पहुंच सकती है। इसके साथ ही क्राइम सीन रिक्रिएशन भी किया जा सकता है। 
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अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड के शूटरों से कस्टडी रिमांड के पहले दिन (बुधवार को) दो राउंड में पूछताछ हुई। हत्या की वजह पूछने पर उन्होंने फिर अपना पुराना बयान दोहराया कि वह नाम कमाना चाहते थे। हालांकि जब उनसे स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम एसआईटी) अफसरों ने पूछा कि वह किसी और को भी चुन सकते थे और उन्होंने अतीक व अशरफ को ही क्यों टारगेट किया, तो तीनों ने चुप्पी साध ली।

कोर्ट के आदेश के बाद दोपहर दो बजे के करीब तीनों शूटरों सनी सिंह, लवलेश तिवारी व अरुण मौर्य को एसआईटी ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया। इसके बाद उन्हें मेडिकल के लिए बेली अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद क्राइम ब्रांच दफ्तर में ले जाकर पूछताछ शुरू की गई।
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सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने शूटरों से सबसे पहले हत्या की वजह की जानकारी लेनी की कोशिश की। पूछा कि आखिर उन्होंने इस हत्याकांड को क्यों अंजाम दिया। इस पर शूटरों ने एक बार फिर वही बयान दिया कि वह चाहते थे कि जरायम की दुनिया में उनका नाम हो जाए। 
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अतीक-अशरफ को ही क्यों चुना?

इसी मकसद से उन्होंने यह वारदात की। इस पर अफसरों ने पूछा कि इसके लिए अतीक-अशरफ को ही क्यों चुना? वह किसी और को भी निशाना बना सकते थे तो तीनों ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।

किसने महैया कराईं लाखों की पिस्टल?

एसआईटी अफसरों ने तीनों शूटरों से यह भी पूछा कि उनके पास सात से आठ लाख मूल्य वाली जिगाना व गिरसान पिस्टलें कहां से आईं। गौरतलब है कि इन दोनों पिस्टलों के साथ एक देशी पिस्टल आरोपियों के कब्जे से बरामद हुई है। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में भी तीनों गोलमोल जवाब ही देते रहे। फिलहाल उन्होंने उस शख्स का नाम नहीं कबूला, जिसने उन्हें असलहे मुहैया कराए थे।

यह भी रहे सवाल
- तुम लोगों के मोबाइल फोन कहां हैं? मोबाइल नहीं है तो आपस में कैसे संपर्क करते थे?
- प्रयागराज कब आए और कहां ठिकाना बनाया? इसमें किसने मदद की?
- तीनों पहली बार कब और कहां मिले?
- अतीक-अशरफ के अस्पताल लाए जाने की खबर कैसे मिली?
- घटनास्थल तक कैसे, कितनी देर पहले पहुंचे?
- वीडियो कैमरा व माइक आईडी कहां से लाए?
- इससे पहले कभी प्रयागराज आए थे?
- अतीक-अशरफ को मारने के लिए घटनास्थल के रूप में अस्पताल ही क्यों चुना?
- वारदात की प्लानिंग कब और कहां हुई?
- तीनों के अलावा भी कोई शामिल है साजिश में?
- कस्टडी रिमांड में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद क्यों लिया इतना बड़ा खतरा?
- पुलिस जवाबी फायरिंग करती तो मारे जाते, क्या कभी डर नहीं लगा?
 

आज घटनास्थल पर हो सकता है सीन रिक्रिएशन

कस्टडी रिमांड के दूसरे दिन पुलिस तीनों शूटरों को लेकर घटनास्थल कॉल्विन अस्पताल पहुंच सकती है। यहां वास्तविक स्थिति जानने के लिए क्राइम सीन रिक्रिएशन भी किया जा सकता है। इसके अलावा वारदात का वीडियो फुटेज दिखाकर भी आरोपियों से सवाल जवाब किए जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: Atiq Ashraf Murder: लवलेश का गोलियां बरसाने का अंदाज देख पुलिस हैरान, किससे लिया पिस्टल चलाने का प्रशिक्षण?
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फोरेंसिक टीम ने लिए फिंगर प्रिंट के नमूने

सूत्रों का कहना है कि विवेचना के दौरान एसआईटी शूटरों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य भी एकत्र करने में जुट गई है। इसके तहत फोरेंसिक टीम ने आरोपियों के फिंगर प्रिंट के नमूने भी लिए। जल्द ही इन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।

 
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