साबिर बिहार में भी कई घटनाएं अंजाम दे चुका है। अपराधियों के बीच रहने की वजह से वह भी शूटर बन गया था। एनकाउंटर में ढेर हुआ शूटर गुलाम नेता बनना चाहता था।
एडीजी ने कहा कि अतीक के गैंग में गुड्डू मुस्लिम सबसे खतरनाक अपराधी है। वह अकेले दम पर वारदात को अंजाम देने में सक्षम है। वह कई वर्षों से सुपारी लेकर हत्या कर रहा था। हालांकि कई वारदातों में उसका नाम सामने नहीं आया।
ऐसा अपराधी समाज के लिए खतरा है। उसे वर्ष 1999 में पटना की बेउर जेल से पकड़ा गया था। वह जेल में बंद माफिया राजन तिवारी से किसी की हत्या की सुपारी लेने की बात करने गया था। उसे एनडीपीएस एक्ट में दस साल की सजा हुई थी। बाद में अतीक ने उसकी हाईकोर्ट से जमानत करा ली थी।
उन्होंने बताया कि उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या बाकी केसों के गवाहों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गयी थी। उमेश पाल अपने अपहरण केस में सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की अपील की थी।
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कोर्ट ने संबंधित अदालत को छह हफ्ते में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था। इससे अतीक को डर था कि उसके बाकी मुकदमों में भी इसी तरह लोग बेखौफ होकर गवाही देने लगेंगे, जिससे उसको सजा होने लगेगी।