पदक ग्रहण करते छात्र
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को कुलाधिपति राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने 65 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किया। विभिन्न संकायों के 121 विद्यार्थियों को शोध उपाधि प्रदान की गई।
महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दहेज मुक्त, टीबी मुक्त और कुपोषण मुक्त भारत बनाने का संकल्प दिलाया। आह्वान कि मेडल पाने वाले बच्चे स्वयं और अपने परिवार में दहेज का तिरस्कार करें। जल संरक्षण और अन्न बचाने की भी प्रेरणा दी। कहा कि इन संकल्पों को विद्यार्थी अपने जीवन में उतारें तभी उनकी शिक्षा सार्थक होगी।
सुबह करीब 9.50 बजे पहुंची राज्यपाल ने सबसे पहले विश्वविद्यालय के श्रीनिवास रामानुजन अनुसंधान भवन का उद्घाटन किया। समारोह में उन्होंने कहा कि उच्च आदर्शों को पुष्पित-पल्लवित करते हुए दृढ़ निश्चय के साथ अपने जीवन में उतारें। युवा हर तरह से समर्थ होता है। आपकी सामथ्र्य ही राष्ट्र की शक्ति और कल की आशा है। जब कभी राष्ट्र के सामने चुनौतियां आई युवाओं ने ही अपनी शक्ति और पुरुषार्थ से उसका सामना किया और समाधान निकाला।
समारोह में मुख्य अतिथि इस्कॉन ऊधमपुर के प्रेसीडेंट नव योगेंद्र जी महाराज ने आत्मा की स्वच्छता और उत्थान पर जोर देते हुए कहा कि जब आत्मा को जानेंगे, तभी सुख-शांति मिलेगी। कार्यक्रम में कुलपति प्रो.डॉ.राजाराम यादव, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद आदि मौजूद रहे।