आसाराम के पूर्व वैद्य ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समक्ष यह कहकर तहलका मचा दिया है कि आसाराम सत्संग में टॉर्च लगाकर लड़कियों को पसंद करते थे और बाद में इन्हीं लड़कियों को उनके पास भिजवाया जाता था।
रुद्रपुर आश्रम में भी आसाराम ने महिलाओं पर अपनी करिश्माई टार्च घुमाई थी। इसकी पुष्टि दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली लड़की के पिता और कुछेक साधकों ने की है।
लड़की के पिता ने बताया कि रुद्रपुर आश्रम में आसाराम का सत्संग 27 मार्च 2011 को होना था, लेकिन वह एक दिन पहले ही यहां आ गए थे। देर शाम उनकी गाड़ियों का काफिला रुद्रपुर आश्रम में पहुंचा।
पहले आसाराम की गाड़ी उनके आलीशान आवास (कुटिया) की ओर गई। कुछ समय के बाद वह गाड़ी से ही सत्संग हाल में दाखिल हुए। उनके अनुयायियों की भीड़ भी खासी थी। महिलाएं सत्संग हाल में सबसे आगे बैठी थीं। पीछे कुछ पुरुष बैठे थे और कुछ आश्रम में इधर-उधर खड़े भी थे।
गाड़ी से उतरने में आसाराम ने काफी समय लिया। अपने सुरक्षा कर्मियों का इशारा मिलते ही वह गाड़ी से निकले और सत्संग हाल में पहुंच गए। यहां उन्होंने खड़े होकर महिलाओं पर टार्च की रोशनी मारी। यह प्रक्रिया कई बार हुई।
हालांकि सत्संग हाल में बिजली के बल्ब पर्याप्त रोशनी दे रहे थे, लेकिन आसाराम की टॉर्च बार-बार रोशनी कर रही थी।
बाद में उन्होंने अपनी कुर्सी के सामने पड़ी छोटी सी मेज पर टॉर्च जलाकर रख ली। टॉर्च की रोशनी सत्संग हॉल की टिन पर पड़ने लगी। प्रवचन के दौरान उनकी टॉर्च जलती ही रही। प्रवचन और भजन-कीर्तन के बाद आसाराम ने रात इसी आश्रम में ही काटी थी।