यूपी पुलिस की एक और शर्मनाक करतूत सामने आई है। हत्या के आरोप में पकड़े गए युवक ने एटा जिले की अवागढ़ थाना पुलिस पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।
उसने बताया कि पुलिस ने हत्या का जुर्म जबरन कबूल कराने के लिए उसे पेट्रोल के इंजेक्शन लगाए थे। जेल में कैदी का कोर्ट के आदेश पर चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था।
गुरुवार को उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई जिसके चलते सिपाहियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
सकरौली क्षेत्र के गांव इसौली निवासी मानिकचंद का बीती नौ अप्रैल को अवागढ़ क्षेत्र स्थित नहर में शव मिला था। मृतक के भाई ने अवागढ़ थाना में मानिकचंद के ससुरालियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में अवागढ़ थाना पुलिस ने 23 अप्रैल को बलवीर को पकड़ा था। आरोप है पुलिस ने उससे हत्या करने का जुर्म कबूल कराने के लिए उसे पेट्रोल के इंजेक्शन लगाए थे। इससे उसकी हालत खराब हो गई।
इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। जहां से कोर्ट के आदेश पर बुधवार को उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। गुरुवार को बलवीर की हालत और खराब हो गई।
जेल के सिपाहियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान पीड़ित ने बताया कि पेट्रोल के इंजेक्शन के चलते उसकी तबियत खराब हुई है।