प्रदेश के जिन 66 माफिया की फेहरिस्त शासन ने तैयार की थी, बृहस्पतिवार को अनिल दुजाना की एनकाउंटर में मौत के बाद घटकर 63 रह गई है। यूपी एसटीएफ इनमें से तीन माफिया आदित्य राणा, अतीक अहमद और अनिल दुजाना को बीते एक माह के दौरान ढेर कर चुकी है।
अब उसकी हिट लिस्ट में फरार चल रहे पांच माफिया समेत कुल सात कुख्यात अपराधी हैं। इनमें से चार की तलाश लंबे अर्से से की जा रही है। शासन के चिन्हित माफिया की फेहरिस्त पर नजर डालें तो मेरठ का बदन सिंह बद्दो, विनय त्यागी उर्फ टिंकू, सहारनपुर का हाजी इकबाल उर्फ बाला, प्रयागराज का जावेद उर्फ पप्पू और लखनऊ का जुगनू वालिया उर्फ हरविंदर सिंह शामिल है।
जुगनू वालिया माफिया मुख्तार अंसारी का बेहद करीबी है। वहीं, बदन सिंह बद्दो बीते कई सालों से फरार चल रहा है। वह एक पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पर हमला करने की साजिश भी रच रहा था। आईबी की सूचना के बाद अधिकारी को सुरक्षा प्रदान की गई थी।
बीकेडी की तो फोटो तक नहीं
मुख्तार के शूटरों में शुमार किए जाने वाले इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी की तलाश भी एसटीएफ कई सालों से कर रही है। उसे माफिया बृजेश सिंह का मुख्तार के बाद सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। एक लाख के इनामी बीकेडी की फोटो तक पुलिस आज तक नहीं जुटा सकी है। उसकी वाराणसी में अजय खलनायक पर जानलेवा हमले और बृजेश सिंह के चचेरे भाई सतीश सिंह की हत्या के मामले में तलाश है।