उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां के गुस्से का असर दिखने लगा है। इलाहाबाद में रविवार को आजम खां के दौरे के दौरान हुए ड्रामे की जांच के बाद एस्कॉर्ट में शामिल चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
मंत्री आजम खां के काफिले संग चल रहे जिप्सी सवार इन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है।
एसपी क्राइम अरुण पाण्डेय की जांच रिपोर्ट आने के बाद एसएसपी उमेश श्रीवास्तव ने मंगलवार को एस्कॉर्ट में शामिल मुख्य आरक्षी देवी प्रसाद सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह, रवीन्द्र सिंह तथा जिप्सी चालक निजामुद्दीन को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया।
एस्कॉर्ट के ये पुलिसकर्मी मंत्री की कार को पीछे छोड़ खुद तेजी से आगे निकल गए थे जबकि इनकी जिम्मेदारी थी कि वह मंत्री की कार को गंतव्य तक ले जाएं।
नगर विकास मंत्री आजम खां को रविवार को नैनी स्थित एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट में प्रोफेसर कलीम अहमद के आवास पर इफ्तार में शामिल होना था। शाम को हर कोई आजम खां के स्वागत के लिए गेट मौजूद था।
मामला तब बिगड़ा जब मंत्री की कारों के काफिले के आगे चल रहा एस्कॉर्ट प्रो. कलीम के आवास पर पहुंच गया लेकिन मंत्री की कार वहां नहीं आई। इंतजार के बाद हड़कम्प मच गया। एस्कॉर्ट की गाड़ियां वापस मुड़ीं और मंत्री की खोजबीन शुरू हुई।
एस्कॉर्ट की लापरवाही की वजह से मंत्री की कार कार्यक्रम की जगह तक नहीं पहुंच सकी थी। इस लापरवाही से नाराज मंत्री आजम खां इफ्तार में न शामिल होकर सीधे लखनऊ रवाना हो गए थे।
आजम खां की नाराजगी को देखते हुए कई स्तर पर मामले की जांच शुरू हो गई थी। एसपी क्राइम अरुण पांडेय ने जांच में एस्कार्ट के पुलिसकर्मियों की लापरवाही पाई। जिप्सी सवार पुलिसकर्मियों ने पीछे की गाड़ियों का साथ छोड़ा और खुद कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए।
जबकि लखनऊ से आए मंत्री का कार चालक रास्ता भटक गया। एसएसपी उमेश श्रीवास्तव के मुताबिक, जांच में लापरवाही सामने आई है। वीवीआईपी ड्यूटी में जिले का एस्कार्ट ही तय रास्तों पर जाता है ताकि पीछे की गाड़ियां वहां तक पहुंच सके। एस्कार्ट के पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती इसलिए सस्पेंड किया गया है।