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अमूल ने यूपी में की डेयरी लगाने की तैयारी

Thu, 31 Jan 2013 09:57 AM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
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गुजरात की प्रतिष्ठित सहकारी संस्था अमूल ने कानपुर में अपने डेयरी प्लांट लगाने की योजना को फाइनल कर लिया है। अमूल लखनऊ में भी बड़ी डेयरी स्थापना की संभावना तलाश रहा है। यूपीएसआईडीसी ने संस्था को कानपुर में 40 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है जबकि लखनऊ को लेकर फैसला एक सप्ताह में होने की संभावना है। दोनों ही प्लांट 10-10 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता के तैयार करने की योजना है। कानपुर की डेयरी अमूल की सूबे में पहली डेयरी होगी।
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सूत्रों ने बताया कि हाल ही में अहमदाबाद से अमूल के प्लांट आपरेशन से जुड़े अधिकारी एके सहाय व अन्य ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) के क्षेत्रीय प्रबंधक कानपुर आरएस पाठक के साथ डेयरी प्लांट के लिए कानपुर और लखनऊ में जमीनें देखी। लखनऊ में अधिकारियों ने दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों से भी मुलाकात की। यहां उन्हें सुल्तानपुर रोड पर दुग्ध विकास विभाग की चकगंजरिया स्थित जमीन दिखाई गई।

पाठक ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि अमूल को कानपुर देहात के माती में 40 एकड़ जमीन दे दी गई है। वहां संस्था 10 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाली डेयरी लगाएगी। कानपुर में संस्था अभी किसी दूसरे के प्लांट पर दूध तैयार करने का काम कराती है। इस पर करीब 150 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। इसके अलावा संस्था यदि लखनऊ में डेयरी प्लांट की अपनी योजना को फाइनल करती है तो वहां पहले पांच लाख लीटर की क्षमता की डेयरी स्थापित होगी। इसके बाद उसे भी बढ़ाकर 10 लाख लीटर कर दिया जाएगा। इसके लिए भी कंपनी 150 करोड़ का निवेश करने को तैयार है। हालांकि अंतिम फैसला एक सप्ताह में होने की संभावना है।
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उन्होंने बताया कि संस्था सूबे के पशुपालकों से दूध लेगी। अमूल के अधिकारियों ने यहां के अधिकारियों को आश्वस्त किया है कि वे यूपी के पशुपालकों को गुजरात के पशुपालकों की तरह आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उनके दुग्ध उत्पाद का पैसा सीधे उनके खाते में जाएगा।

सीएम के ड्रीम डेयरी को भी लग सकते हैं पर
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चकगंजरिया में पांच लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले डेयरी का शिलान्यास किया था। मगर करीब 280 करोड़ रुपये की आवश्यकता की वजह से अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों का कहना है कि अमूल को दुग्ध विकास विभाग की जमीन इसीलिए दिखाई गई है कि यदि वह प्रदेश सरकार की शर्तों के अनुसार डेयरी लगाने को तैयार है तो वह इस प्रोजेक्ट को भी उसे सौंप सकती है।

बताया जाता है कि संस्था के प्रतिनिधि सरकार के शर्तों पर सहमत थे। अब यदि मैनेजमेंट भी सहमत हो जाता है तो सीएम के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पर लग सकते हैं। हालांकि दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी अभी इस संबंध में जुबान नहीं खोलना चाहते।
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