गजरौला। घरों में घी बेचने वाली महिलाओं ने बिजली विभाग के सेवानिवृत्त लाइन की पत्नी को सस्ते में सोने के सिक्के देने की बात कहकर 8.40 लाख रुपये ठग लिए। उनको सोने के सिक्के बताकर पीतल के छोटे-छोटे 100 सिक्के थमा कर गायब हाे गईं। दो दिन बाद पीड़िता को अपने साथ ठगी का पता उस वक्त चला जब बेटे ने सिक्के सराफा कारोबारी को दिखाए।
बैंक कॉलोनी निवासी रामौतार शर्मा बिजली विभाग के सेवानिवृत्त लाइनमैन हैं। उनकी पत्नी उमा देवी गृहिणी और बेटे आशीष शर्मा खेल के उपकरण बेचने की दुकान चलाते हैं। उमा देवी का कहना है कि उनके मोहल्ले में पिछले 10-12 दिन से दो महिलाएं देसी घी बेचने आती थीं। साथ में एक बच्चा भी था। दोनों महिलाएं उनको रानी माता कहकर संबोधित करती थीं। वह उनके घर के बाहर बैठ जाती थीं, जिनसे मोहल्ले की महिलाएं घी की खरीदारी करतीं। कई दिन से लगातार आने के कारण सबका उनसे लगाव हो गया। उन्होंने अपनी धेवती से खिचड़ी बनवाकर खिलाई। एक दिन पड़ोस में रहने वाले पटवारी की पत्नी ने खाना खिलाया। उन्होंने मोहल्ले की महिलाओं को अपने विश्वास में ले लिया था। एक दिन बातों ही बातों में जिक्र किया कि एक दिन गड्ढा खोद रही थीं। जिसमें सोने के सिक्के निकले। जिसे उन्होंने एक मुस्लिम फकीर को दिखाया। उस फकीर ने खरीदने की बात कही। मगर उन्होंने उसे नहीं बेचा। उमा चाहें तो वह उनको बेच सकती हैं। इस तरह उन्होंने उमा को अपनी बातों में फंसा लिया।
बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजे महिलाएं घी लेकर उनके घर आईं। कहा कि वह सोने का सामान लेकर आई हैं, जो 100 ग्राम से अधिक वजन का है। उसे वह 8.40 लाख रुपये में बेच देंगी। उमा ने कई बार इन्कार किया, लेकिन बाद में वह उनकी बातों में आ गईं और घर में रखे 8.40 लाख रुपये लाकर दे दिए। घी बेचने वाली महिलाओं ने उनको पन्नी में रखे सिक्के सोने के बताते हुए थमा दिए और रकम की ठगी कर गायब हो गईं। इसके बाद वह गुमशुम रहने लगीं। परिजनों के पूछने पर कुछ नहीं बताया। शनिवार सुबह बेटे के जिद करने पर आप बीती सुनाई। महिलाओं द्वारा दिए गए सिक्के दिखाए, जिसे लेकर आशीष शर्मा एक सराफा कारोबारी के यहां गए। जिसने देखते ही उनको बताया कि यह पीतल के सिक्के हैं। इस तरह महिला को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ। उनको पुलिस को तहरीर दी है। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
पेंशन पर लोन से निकाली थी रकम
गजरौला। ठगी का शिकार उमा देवी के पति रामौतार शर्मा काफी समय से बीमार चल रहे हैं। उनका बिजनौर से इलाज चल रहा है। जिसके लिए उन्होंने पति रामौतार की पेंशन पर 5.6 लाख रुपये का लोन निकाला था। बाकी रकम बेटे आशीष ने दुकान की बिक्री की लाकर रखी थी।
महिलाओं ने डर लगने का नाटक दिखाया
गजरौला। घरों में घी बेचने का काम कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहीं महिलाएं बेहद शातिर किस्म की हैं। महिलाओं से अपनेपन की बात करती हैं। उमा को ठगी का शिकार बनाने के बाद कहा था कि उनको रेलवे के ओवरब्रिज तक छोड़ आएं। यह तर्क दिया था कि उनको भारी रकम के कारण डर लग रहा है। उनके साथ कोई भी घटना हो सकती है। इसलिए ओवरब्रिज के नीचे ई-रिक्शा में बैठा दें। हालांकि वह उनको छोड़ने बाहर तक नहीं गईं।