नगर में एक निजी अस्पताल में महिला का गर्भपात कराया गया। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई। मेरठ ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर पहुंचकर हंगामा किया। दोनों पक्षों में हुई पंचायत के बाद मामले में समझौता हो गया। इसके बाद परिजनों ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया।
क्षेत्र निवासी किसान के पहले से तीन बच्चे हैं। दो बेटी व एक बेटा। चौथी बार किसान की 35 वर्षीय पत्नी गर्भवती हो गई। ढाई माह का गर्भ हो गया। परिजन गर्भपात कराने के लिए पूठरोड पर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए जहां दो दिन पहले महिला का गर्भपात कराया गया। गर्भपात के बाद महिला की हालत बिगड़ गई।
तबीयत में सुधार न होने पर मंगलवार को महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया। मेरठ ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर पहुंचकर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। सीएचसी प्रभारी डा.ध्रवुेंद्र सिंह का कहना है कि मामला जानकारी में नहीं है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि इस तरह की कोई सूचना नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई कराई जाएगी।