तीन मई 2023 को एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते समय बिजली विभाग के जेई अखिलेश सिंह को गिरफ्तार किया था। जेई ने यह रिश्वत किसान से ट्यूबवेल का कनेक्शन देने के बदले मांगी थी। 13 सिंतबर 2019 को एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम ने कचहरी चौकी में तैनात दरोगा नन्हे बाबू को शहर के एक पेट्रोल पंप पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। दरोगा ने यह रिश्वत मुकदमे में चार्जशीट लगाने के नाम पर वादी के पति से ली थी।
इसके तेरह दिन बाद एक बार फिर एंटी करप्शन की टीम ने अपर जिला सूचना अधिकारी को पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया था। 17 अगस्त 2018 को एंटी करप्शन की टीम ने चकबंदी कानूनगो महेंद्र सिंह को भी पांच हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था। कानूनगो ने जोया क्षेत्र के श्यौनाली गांव निवासी किसान शहजाद यूसुफ से लाखों रुपये लेने के बाद भी चक बिगाड़ दिया था। सही करने के लिए पांच हजार रुपये मांगे थे।
2013 में पपसरा चौकी में तैनात दरोगा को रिश्वत लेते समय एंटी करप्शन ने रंगे हाथ पकड़ा था। पांच दिसंबर 2024 को हसनपुर के अगरौला कलां व धीमरखेड़ी के हल्का लेखपाल नाजिम को 15 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा था। अब ताजा मामला विनियमित क्षेत्र के जेई भानू प्रताप सिंह और बिचौलिया शादाब की गिरफ्तारी की है।
एआरटीओ कार्यालय का बाबू और निजी कर्मी भी रिश्वत लेते पकड़े गए थे
26 फरवरी 2024 को मुरादाबाद एंटी करप्शन की टीम ने अमरोहा एआरटीओ कार्यालय के बाबू अमय कुमार उर्फ अमिया और निजी कर्मचारी शाने अली उर्फ शाने को 20 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। एंटी करप्शन की टीम ने यह कार्रवाई किसान नेता की शिकायत पर की थी। किसान नेता नारंगपुर में ट्रैक्टर की एजेंसी चलाते हैं। हर साल के एआरटीओ कार्यालय से एजेंसी का रीन्यूअल होता है। एजेंसी के रीन्यूअल के लिए किसान नेता कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इस दौरान बाबू अमय कुमार उर्फ अमिया और कार्यालय में तैनात प्राइवेट कर्मचारी शाने अली उर्फ शाने ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग की थी। बाद में 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।