रजबपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर शनिवार को जाटों का गुस्सा फूट पड़ा। पंचायत में नेताओं ने बिरादरी के लोगों से एकजुटता बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही सत्ताधारी नेताओं पर निशाना साधा।
बोले, सत्ताधारी नेता का भतीजा पिटा तो पुलिस ने जान से मारने तक की धाराओं में रिपोर्ट लिखा, लेकिन बिरादरी के युवक पिटे-सिर भी फूटे, फिर सिर्फ एनसीआर क्यों। अब बात बर्दाश्त से बाहर हो गई है। मुंहतोड़ जवाब देंगे। अगर पुलिस ने सोमवार को घायलों के मेडिकल परीक्षण के आधार पर रिपोर्ट नहीं लिखी तो 21 सदस्यों की कमेटी आंदोलन की रणनीति बनाएगी।
तयशुदा कार्यक्रम के तहत जाट बिरादरी के लोग आज दोपहर नेहरू स्मारक इंटर कालेज में जमा हुए और पंचायत की। जिसको संबोधित करते हुए जाट नेता चौ.विजयपाल सिंह ने कहा कि बिरादरी के लोग मतभेद भुलाकर एक मंच पर आएं। आपसी मनमुटाव की वजह से बिरादरी कमजोर हो रही है, जिसकी वजह से दूसरे लोगों का हौसला बढ़ रहा है। डा.हरि सिंह ढिल्लो, चौधरी शूरवीर सिंह व जयदेव सिंह ने भी बिरादरी को एकता का पाठ पढ़ाया।
चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि अब वक्त सहन करने का नहीं, जवाब देने का है। पुलिस सत्ताधारी नेताओं के हाथों की कठपुतली बन गई है। उनके इशारे पर काम रही है। अगर पुलिस ने रवैया नहीं बदला तो उग्र आंदोलन होगा। इस दौरान चौ.रामवीर सिंह, चौ.उम्मेद सिंह, पतराम सिंह, महावीर सिंह, मुकेश चौधरी, प्रदीप चौधरी, कावेंद्र सिंह, मयाराम, जयपाल सिंह, अनूप सिंह, जनम सिंह, बलवीर सिंह, शीशपाल सिंह, मास्टर बुद्ध सिंह, बाबूराम सिंह, वीरेंद्र सिंह समेत तमाम लोग मौजूद थे।
गलती सुधार को सोमवार तक की मोहलत
जाट नेताओं ने स्पष्ट किया है कि सोमवार को घायल शुभम, चंद्रपाल की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट आएगी। यदि पुलिस ने उसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो 21 सदस्यीय कमेटी आंदोलन को रणनीति बनाएगी।
ये था पूरा मामला
गांव शहवाजपुर निवासी शुभम व निक्कू गत बुधवार की शाम कस्बा रजबपुर फोटो स्टेट कराने के लिए आए थे। जहां दूसरे समुदाय के चार युवकों ने उनको घेर लिया था। दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। जमकर हाईवे पर फायरिंग की थी और असलहे लहराए थे। सिर फोड़कर शुभम व बचाव में आए चाचा को घायल कर दिया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने थाना घेर लिया था। युवकों के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने एनसीआर लिखकर चुप्पी साध ली। बाद में शांतिभंग में तीन युवकों को पकड़कर चालान कर दिया था। हल्की धाराओं में मामला लिखने पर जाट बिरादरी के लोग गुस्सा हैं।