डिडौली। ऑनलाइन गेम खेलने में 60 हजार रुपये हारने के बाद घर से निकले चौधरपुर निवासी इंजमामुल हक ने खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। परिजनों को फोन कर खुद के अपहरण की बात कहकर दो लाख रुपये की फिरौती मांगी।
जानकारी मिलने पर पुलिस ने करीब 36 घंटे के भीतर ही इंजमामुल को दिल्ली रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया। पुलिस ने उसका शांतिभंग में चालान कर दिया है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के चौधरपुर में ट्रक चालक शहीदुलहक का परिवार रहता है। उनका बेटा इंजमामुल हक मुरादाबाद के एक मॉल में काम करता है। तीन अगस्त की सुबह इंजमामुल हक परिजनों को बिना बताए घर से चला गया था। तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। इंजमामुल हक के चाचा अब्दुल हक ने चार अगस्त को डिडौली कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इंजमामुल के परिजनों पर अननोन नंबर से एक कॉल आई और इंजमामुल के अपहरण की बात कही। साथ ही रिहाई के लिए दो लाख रुपये की फिरौती मांगी।
अपहरण और फिरौती की बात सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई। एसपी अमित कुमार आनंद के निर्देश पर उसी नंबर को ट्रेस किया गया जिस नंबर से फिरौती मांगी गई थी। डिडौली इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह के नेतृत्व में टीम ने छानबीन शुरू कर दी। दरोगा सुधीर तोमर टीम के साथ गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और दिल्ली में कई ठिकानों पर इंजमामुल को तलाश लिया। इस बीच पुलिस को पांच अगस्त की शाम इंजमामुल पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घूमते हुए मिला। पुलिस उसे डिडौली कोतवाली ले आई। पूछताछ में उसने खुद के झूठे अपहरण की कहानी रचने की बात कबूली।