धामपुर चीनी मिल की बायो ऑर्गेनिक्स लिमिटेड यूनिट असमोली में है। इसके 66 गन्ना क्रय केंद्रों का संचालन हो रहा है। जहां पर तौल लिपिक व चौकीदार तैनात हैं। आरोप है कि लंबिया गांव निवासी रतन सिंह खुद को भारतीय किसान यूनियन खालसा का पदाधिकारी बताते हैं। उन पर क्रय केंद्रों के तौल लिपिक के साथ घटतौली के नाम पर शोषण करने का आरोप है। तौल लिपिकों के साथ मारपीट की जाती है, उन्हें ब्लैकमेल करते हैं। आरोप है कि 10 दिसंबर को रतन सिंह कुछ कार्यकर्ताओं के साथ गन्ना क्रय केंद्र अतरासी प्रथम पर पहुंचे और घटतौली के नाम पर तौल लिपिक साथ अभद्रता की, जबकि उनका क्रय केंद्र अतरासी से कोई संबंध नहीं है।
जिला गन्ना अधिकारी व वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान ने क्रय केंद्र के कांटे चेक किए थे, जहां तौल सही पाई गई। बावजूद इसके रतन सिंह किसी सरकारी अधिकारी की गाड़ी का प्रयोग करके कुछ व्यक्तियों के साथ 17 दिसंबर को क्रय केंद्र पचौकरा पहुंचे और यहां खुद को लखनऊ का अधिकारी बताकर तौल लिपिक के साथ मारपीट की। जबकि, पचौकरा क्रय केंद्र रतन सिंह के गांव से 20 किलोमीटर दूर है। किसान नेताओं के लगातार उत्पीड़न से गन्ना क्रय केंद्रों पर डर का माहौल है। तौल लिपिक काम करने को तैयार नहीं है। जिसके चलते चीनी मिल के लिए गन्ने की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। सीओ पंकज त्यागी ने बताया कि मामले में रतन सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।