गर्मी हर रोज अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने में लगी है। मई में ही जून जैसी गर्मी से लोग बेहाल हैं। एक सप्ताह से लगातार तापमान में उतार-चढ़ाव दिख रहा है। इस साल 17 मई ने पिछले नौ साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यानी इस सीजन में भी शुक्रवार का दिन सबसे गर्म दिन रहा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि गर्म हवा भी 38 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली।
गर्मी के चलते लोग बीमार पड़ रहे हैं। शुक्रवार को भी बुखार के 90 और डायरिया के 38 मरीज मिले हैं। 98 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि पांच को रेफर किया गया है। बच्चा वार्ड, मेडिसिन वार्ड, फीवर वार्ड तक सभी जगह मरीज भर्ती हैं। ज्यादातर मरीज बुखार व उल्टी-दस्त की परेशानी वाले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बाहर का तला-भुना खाने व गर्मी में सावधानी न बरतने से लोग बीमार पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया आदि शुक्रवार को 1218 मरीज ओपीडी में पहुंचे। जिसमें 90 मरीज बुखार के पाए गए। जबकि 29 मरीज को इमरजेंसी में देखा गया। इसके अलावा डायरिया के 38 मरीज मिले हैं। वहीं 45 मरीज का सीटी स्कैन कराया गया। जबकि 140 लोगों ने एक्स-रे कराए हैं। 33 मरीजों का अल्ट्रासाउंड हुआ है।
डॉ. चरन सिंह ने बताया कि गर्मी के चलते लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना पड़ेगा। बच्चे को बुखार आने पर परिजन उसे कंबल या चादर से ढक देते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। बच्चों को बुखार होने पर रुमाल या तौलिया पानी में भिगोकर उनके माथे पर रख दें। गांव में किसी भी झोलाछाप को न दिखाएं।