गजरौला। बिजनौर बैराज से रविवार सुबह 1,27,976 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि, तिगरी में गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर घटकर 200.60 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 202 मीटर से 1.4 मीटर दूर है। उधर, लठीरा, दारानगर, टीकों वाली सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी भरा होने से ग्रामीणों की दुश्वारियां बरकरार हैं। खेतों में खड़ी फसल जलमग्न हैं।
रविवार शाम छह बजे तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.75 मीटर दर्ज किया गया था। सोमवार को सुबह 15 सेंटीमीटर घटकर जलस्तर 200.60 मीटर पर पहुंच गया। शनिवार से लगातार पानी घट रहा है। यह खादर के ग्रामीणों के लिए राहत है। हालांकि, लठीरा, फरीदपुर एहतमाली, दारानगर, शीशों वाली, टीकों वाली, ढाकों वाली, ओसीता जगदेवपुर, तिगरी, कांकाठेर आदि गांवों के ग्रामीणों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। ओसीता जगदेवपुर, कांकाठेर और तिगरी को छोड़ कर उपरोक्त सभी गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। हालांकि पानी काफी कम हो गया, लेकिन लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। फसलें अभी भी जलमग्न हैं। चारे और सब्जियों की फसल बाढ़ से बर्बाद हो चुकी है। बाढ़ खंड विभाग के अभियंता राजेश कुमार गंगवार का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार कम हो रहा है, लेकिन खेतों में भरा पानी निकलने में समय लगेगा।