अमरोहा। रक्षाबंधन के तीन दिन में अमरोहा डिपो ने खूब चांदी काटी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 50 हजार बहनों को मुफ्त सफर भी कराया जबकि 66 लाख रुपये की कमाई की। इनमें से 45 लाख रुपये बहनों का किराया भी शामिल है।
रक्षाबंधन पर बहनों के लिए राज्य सरकार ने आठ अगस्त की सुबह छह बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक महिला और एक सहयात्री को नि:शुल्क बस यात्रा की सुविधा दी थी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने अमरोहा डिपो की बसों को रूट पर उतारा गया था। एआरएम केसी गौड़ के मुताबिक आठ अगस्त को आठ हजार बहनों ने मुक्त सफर किया।
इसका किराया पांच लाख रुपये बनता है जबकि 10 लाख रुपये यात्रियों से किराया वसूला गया। इसी तरह नौ अगस्त को 24 हजार बहनों ने मुक्त यात्रा की जिसका किराया 21 लाख रुपये बना जबकि 10 लाख रुपये यात्रियों से किराया लिया गया। 10 अगस्त को 18 हजार बहनों ने मुफ्त की यात्रा की। इसमें बहनों का किराया 16 लाख रुपये बना जबकि चार लाख रुपये यात्रियों से नगद वसूले गए। मुफ्त के किराये में एक महिला के साथ सहयात्री भी शामिल था।
दुश्वारियों भरा था भाई-बहनों का सफर
भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन पर बसों भीड़ देखी गई। बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। बैठने को लेकर धक्का-मुक्की का माहौल रहा था। डिपो में बस पहुंचते ही उसमें चढ़ने को लेकर आपाधापी मची रही। बसों को लेकर बहनें इधर-उधर भटकती देखीं गईं। त्योहार पर उमड़ी भीड़ के चलते रोडवेज की व्यवस्था बौनी साबित हुई थी। दुश्वारियां के बीच बहने भाइयों के घर पहुंचीं और स्नेह की डोर बांधी थीं।