बान नदी के जीर्णोद्धार को लेकर प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। पंचायत सचिवों की ओर से सर्वे पूरा करने के बाद अब लेखपालों द्वारा पैमाइश की जा रही है। लेकिन, अभी पैमाइश में तेजी नहीं आई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि एक दो दिन में पैमाइश पूरी करा ली जाएगी। इसके बाद जल्द ही नदी की खोदाई का कार्य भी शुरू करा लिया जाएगा। वहीं, डीएम भी जल्द नदी स्थल का निरीक्षण करेंगी।
बान नदी अमरोहा के लिए अलग पहचान रखती है। प्रसिद्ध शायर जोन एलिया पाकिस्तान जाने के बाद इसे हमेशा याद करते रहे और शायरी में बान का नाम आया। उनकी शायरी के माध्यम से लोगों बान नदी को पुनर्जीवित करने की मांग की। लेकिन, हुआ कुछ नहीं। हालांकि, अमर उजाला की ओर से बान नदी के जीर्णोद्धार के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी सजग नजर आ रहे हैं।
पिछले दिनों सीडीओ के निर्देश पर पंचायत सचिवों ने सर्वे किया और रिपोर्ट बीडीओ अमरोहा नीरज गर्ग दी थी। इसके बाद उन्होंने सीडीओ को वह रिपोर्ट साैंपी। जिसमें कई जगह नदी का अस्तित्व ही नहीं मिला। जबकि, कई जगह झाड़ियां खड़ी मिली। सीडीओ ने इस संबंध में डीएम को भी अवगत कराया है। जिसके बाद प्रशासन की ओर से प्रयास है कि नदी की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए। वहीं, डीएम के निर्देश पर लेखपाल भी नदी को लेकर पैमाइश करने लगे हैं।
डीएम ने लेखपालों को पैमाइश में तेजी जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि जल्द ही से जल्द नदी की पैमाइश पूरी की जाए। ताकि, समय से नदी की खोदाई का कार्य शुरू कराया जा सके। डीएम का कहना है कि नदी को पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- लेखपालों द्वारा नदी की पैमाइश शुरू करा दी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द पैमाइश का कार्य पूरा कर लें। मैं भी एक दो दिन नदी का निरीक्षण करूंगी। नौगांवा सादात क्षेत्र में नदी की शुरुआत होती है। वहीं से निरीक्षण शुरू होगा। साथ ही पैमाइश पूरी होने के बाद जल्द ही खोदाई शुरू करा दी जाएगी
। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम