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Amroha News: आठ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म में दोषी की सजा पर फैसला आज

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अमरोहा। रहरा थाना क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित वर्ग की आठ वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के अदालत ने 21 वर्षीय आरोपी फरमान को दोषी करार दिया है। दोनों पक्षों की दलीलें और पेश किए गए साक्ष्यों को सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया। सजा के प्रश्न पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
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घटना आठ जून 2026 की है। गांव में अनुसूचित वर्ग का परिवार रहता है। उनकी आठ वर्षीय बालिका घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले दूसरे वर्ग फरमान बालिका को बहलाकर अपने साथ बुग्गी पर बैठाकर ले गया और खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया था। रोते हुए बच्ची घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई। बच्ची को लहूलुहान हालत में देखकर परिजनों के होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। घटना के कुछ ही घंटे बाद पुलिस-प्रशासन ने आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। शाम करीब सात बजे दो बुलडोजर उसके घर पहुंचे और आरोपी को सरेंडर करने की चेतावनी दी गई।
फरमान के सामने नहीं आने पर रात करीब नौ बजे मकान के उस हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया, जिसे प्रशासन ने अवैध निर्माण बताया था। लगातार दबिश के बाद घटना के दूसरे दिन सुबह पुलिस ने फरमान को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस ने उसके न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। सीओ एवं विवेचक पंकज त्यागी ने विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों समेत अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं।
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इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में मामले की सुनवाई चली। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने बताया कि सोमवार को न्यायालय ने आरोपी फरमान को दोषी करार दिया है। अब मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।

72 घंटे में पुलिस ने दाखिल की थी 58 पेज की चार्जशीट

बच्ची से दुष्कर्म के मामले की विवेचना सीओ हसनपुर पंकज त्यागी ने मामले में साक्ष्यों को जुटाते हुए आरोपी फरमान के खिलाफ 58 पेज की चार्जशीट तैयार की। पुलिस ने घटना के 72 घंटे के भीतर ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। चार्जशीट में गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को शामिल किया गया था। अभियोजन के अनुसार, पुलिस की ओर से समयबद्ध तरीके से दाखिल की गई चार्जशीट और उसमें शामिल साक्ष्य भी आरोपी को दोषी ठहराने में अहम साबित हुए। अदालत में अभियोजन ने इन साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया।
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बच्ची बोली, दूध लेने आने वाले अंकल ने किया गलत काम
विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी फरमान दूध बेचने का काम करता था और रोजाना पीड़िता के घर दूध देने आता था। इसी वजह से बच्ची उसे अच्छी तरह पहचानती थी। घटना के दिन बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि फरमान उसे अपनी भैंसा-बुग्गी पर बैठाकर खेत की ओर ले गया था। अदालत में बच्ची ने आरोपी को पहचानते हुए बताया कि दूध लेने आने वाले अंकल ने उसके साथ गलत काम किया था। अभियोजन के मुताबिक बच्ची की पहचान और उसके बयान मामले में अहम साक्ष्य रहे।


आठ गवाह और एफएसएल रिपोर्ट बनी आधार

विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने बताया कि बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी फरमान को दोषी ठहराने में आठ गवाहों के बयान और एफएसएल रिपोर्ट अहम साक्ष्य बने। गवाहों में बच्ची, उसके माता-पिता, डॉक्टर, मुकदमा लेखक और विवेचक समेत आठ लोग शामिल रहे। एफएसएल की स्पेशल रिपोर्ट में शुक्राणु की पुष्टि हुई है। वहीं, बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट में भी उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के साक्ष्य मिले। अभियोजन की ओर से अदालत में गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्रस्तुत किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
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