एआरटीओ प्रशासन बबीता वर्मा ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन पत्र एआरटीओ कार्यालय में जमा किए जाएंगे। आवेदन पत्र के साथ 7500 किग्रा तक के वाहनों के लिए 200 रुपये या उससे ज्यादा भार के वाहनों पर 500 रुपये का शुल्क जमा किया जाएगा। बकाया का देय एक बार में ही जमा करना होगा। सभी बकायेदारों के ऐसे प्रकरण भी जो न्यायालय, उप परिवहन आयुक्त, यात्री कर के उप परिवहन आयुक्त के स्तर पर लंबित हैं, वह भी आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, देय जमा करने से पहले संबंधित न्यायालय व अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर अनुमति लेनी होगी।
इसके अलावा ऐसे प्रकरण जिनमें वाहन वित्तपोषक द्वारा अपने कब्जे में लिया गया है या उनके खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र जारी, वह भी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। उन्होंने बताया कि योजना छह नवंबर को शुरू हुई है और पांच फरवरी 2025 तक चलेगी। फिलहाल, अब तक केवल 326 लोगों ने ही एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के आवेदन किया है।