यूक्रेन में फंसे अमरोहा नगर के मोहल्ला दानिशमंदान निवासी डॉ.जमशेद कमाल ने बेटे शाह कमाल वीडियो कॉल के जरिये बातचीत की। इस दौरान शाह कमाल ने बताया कि वीन्नित्स्या यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने हॉस्टल में ठहरे छात्र-छात्राओं को पोलैंड भेजने की तैयारी की थी। इसके लिए बस में सवार कर स्टेशन तक ले गए।, लेकिन यहां जाने के बाद पता चला कि पोलैंड जाने वाला बॉर्डर भी सील है। ऐसे में फिर प्रबंधन ने छात्रों को हॉस्टल में छोड़ दिया है। शाह कमाल ने परिजनों को बताया कि यूक्रेन के लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। आने वाले समय में और ज्यादा खराब हो सकते हैं। यहां हर क्षण जोखिम से भरा है।
उन्होंने बताया कि यहां फंसे छात्र न तो कुछ खा पा रहे हैं और ने सौ पा रहे हैं। वहीं नौगांवा सादात निवासी एमबीबीएस छात्र मोहम्मद रजा शुक्रवार की दोपहर 12 बजे कीव सिटी से पोलैंड के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि वह जैसे तैसे गाड़ी से निकल कर पोलैंड बॉर्डर के पास पहुंच गए हैं। लेकिन यहां गाड़ियों की लंबी लाइन लगी हुई है। देर रात में पोलैंड में एंट्री मिलने की उम्मीद है। वहीं जोया निवासी उमर के बेटे नूरुल हसन, बेटी कमर जहां व उमर जहां और कालाखेड़ा निवासी मोहम्मद तारिक, रायपुर खुर्द निवासी मोहम्मद हाशिम, जोया निवासी अंशिका, अमरोहा मोहम्मद फरहान, मारूफ हसन, मोहम्मद फैज, जोया निवासी मोहम्मद सलमान, जावैद अनवर, मोहम्मद अनस, सादुल्लेपुर निवासी कैलास, बीलना निवासी मोहम्मद शारिक, अतरासी कलां निवासी महफूज सिद्दीकी कैलसा रोड निवासी अभय कुमार भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। सभी छात्रों के परिजन चिंतित हैं। वह लगातार फोन पर संपर्क कर उनकी कुशलता पूछ रहे हैं। परिजनों ने भारत सरकार से सभी भारतीय छात्रों को सकुशल निकाल कर जाने की अपील की है।