गजरौला। 15 करोड़ रुपये से नाईपुरा में फैक्टरियों के सामने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर अंडरपास बनाया जाएगा। जिसका काम हाईवे चौड़ीकरण कंपनी ने शुरू कर दिया है। एक ढाल से दूसरे ढाल तक अंडरपास की लंबाई 800 मीटर रहेगी। इसकी चौड़ाई 30 मीटर और ऊंचाई साढ़े पांच मीटर रहेगी। अंडरपास बन जाने से आस पास के 10 गांवों के ग्रामीणों, हजारों विद्यार्थियों, फैक्टरियों के श्रमिकों का आवागमन सुगम होगा।
नाईपुरा में अंडरपास बनाए जाने की मांग बहुत पुरानी है। नगर के आस पास के 10 गांवों के ग्रामीण, नाईपुरा, बुद्ध नगर के नागरिक, औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्टरियों में काम करने वाले करीब सात हजार श्रमिक दशकों से अंडरपास बनाने की मांग करते आ रहे हैं। इसके अलावा दो कॉन्वेंट स्कूलों, दो परिषदीय विद्यालयों और एक इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं के अभिभावक अंडरपास बनाने की सैकड़ों बार मांग उठा चुके हैं। दशकों पुरानी मांग अब पूरी हो रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से स्वीकृति मिल जाने के बाद हाईवे चौड़ीकरण की निर्माण कंपनी ने नाईपुरा में फैक्टरियों के सामने अंडरपास बनाने का निर्णय लिया। जिस पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
गजरौला इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजक सुनील दीक्षित, इंटर कॉलेज संचालक रविराज सिंह बौद्ध, ऑटोमाबाइल शोरूम स्वामी संजीव माहेश्वरी उर्फ टोनी, भाजपा नेता कुंवरपाल सिंह खड़गवंशी, हरिओम कश्यप, ईशान अग्रवाल, संजीव पाल का कहना है कि अंडरपास बन जाने से आवागमन सुगम होगा।
इसलिए गलत लेन पर गुजरते हैं लोग
तिगरिया खादर, सादुल्लेपुर, सुल्तानठेर-मोहम्मदपुर सहित 20 गांवों के ग्रामीण व नाईपुरा और बुद्ध नगर के नागरिक गजरौला नगर या चौपला की तरफ जाते हैं तो उनको दिल्ली की दिशा से मुरादाबाद की तरफ जाने वाले वाहनों की लेन पर चलना चाहिए, लेकिन इसके लिए हाईवे पार करना पड़ेगा। मगर अंडरपास नहीं होने के कारण हाईवे पार करते समय हादसे का डर बना रहता है। मजबूरी में वह मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले वाहनों की लेन पर चलते हैं। चौपला तक आने जाने में हजारों वाहनों से बचना पड़ता है।
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नाईपुरा के सामने अंडरपास बनाए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आठ या नौ महीने में अंडरपास बन कर तैयार हो जाएगा। अंडरपास बन जाने पर हादसों में कमी आएगी। लोगों का आवागमन सुगम होगा।
-ललित मोहन तिवारी, जीएम आईआरबी मुरादाबाद-हापुड़ टोल वे लिमिटेड