अमरोहा। बगैर ड्यूटी के ट्रैफिक पुलिस के चार सिपाही हाईवे पर टोल के पास अवैध तरीके से बस और अन्य वाहनों की चेकिंग करते रंगेहाथ पकड़े गए। इसमें एक आरोपी सिपाही शराब के नशे में धुत मिला था। जबकि दूसरा रजबपुर इंस्पेक्टर के बुलाने पर भाग गया। एसपी ने अवैध वसूली के आरोप में दो ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। संदिग्ध भूमिका मानते हुए दो सिपाहियों को लाइन हाजिर किया है। चारों सिपाहियों पर लापरवाही, उदासीनता और पुलिस की छवि धूमिल करने का आरोप है।
26 मार्च की रात डिडौली में हाइवे स्थित सीएल गुप्ता फर्म के लकड़ी के फिनिशिंग प्लांट में आग लग गई थी। लिहाजा आग बुझाने के लिए जुबिलेंट और तेवा फैक्टरी के दमकल वाहन आग बुझाने के लिए निकले थे। तभी जोया टोल प्लाजा शुल्क बूथों पर जाम में फंस गए। अफसरों के निर्देश पर रजबपुर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार जाम खुलवाने टोल प्लाजा पर पहुंचे थे। इस दौरान एसपी सुनीति भी खुद गश्त पर थीं। तभी उन्होंने देखा कि टोल से 100 मीटर दूर सड़क किनारे पुलिस का स्टीकर लगी प्राइवेट कार खड़ी थी। उसके पास कुछ बस और अन्य वाहन खड़े थे। दो यातायात पुलिस की वर्दीधारी पुलिस कर्मी बसों और अन्य वाहनों के बीच घुस कर चेकिंग कर रहे थे। लिहाजा इंस्पेक्टर ने पुलिस कर्मचारियों को पूछताछ के लिए अपने पास बुलाया तो एक पुलिसकर्मी जंगल की ओर भाग निकला। दूसरे पुलिसकर्मी ने बिना ड्यूटी चेकिंग करने का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बाद में अफसरों को पता चला कि आरोपी सिपाही की ड्यूटी गजरौला में चौपला चौराहे पर यातायात व्यवस्था में सुबह आठ बजे से रात 8 बजे तक लगी हुई थी। सिपाही शराब के नशे में था, लिहाजा उसका जोया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें अल्कोहल की पुष्टि हुई थी। दोनों सिपाही बिना ड्यूटी के व्यक्तिगत स्वार्थ की प्रतिपूर्ति के लिए अनधिकृत रूप से वाहनों की चेकिंग करने के आरोपी पाए गए। एसपी सुनीति ने दोनों ट्रैफिक कांस्टेबल रवि कुमार और विकास मलिक को निलंबित कर दिया है। दो सिपाही गौरव कुमार और संजय गौतम को लाइन हाजिर कर दिया है।