अमरोहा। जिले के सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते तीन महीने में दो हजार से ज्यादा महिलाओं की सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी हुई हैं। बावजूद इसके उन्हें जननी सुरक्षा योजना की राशि नहीं मिल सकी है। जिम्मेदार भी इसके प्रति गंभीर नहीं है। महिलाओं के परिजन रोजाना सीएचसी के चक्कर काट रहे हैं।
गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य और उनके सेहत को ध्यान में रखकर जननी सुरक्षा योजना चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को 1400 रुपये और शहरी में 1000 रुपये की नकद सहायता मिलती है। इससे वह प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य पर खर्च कर सकती हैं।
योजना के तहत प्रसव के बाद 48 घंटे में महिला के खाते में धनराशि का भुगतान करना होता है लेकिन जिला के सरकारी अस्पतालों से तीन माह से प्रसव कराने वाली दो हजार से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया। अभिभावक अमरोहा शहर, जोया, नौगांवा सीएचसी और मुन्नीदेवी अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मार्च से बजट नहीं आया है।
प्रसव के 48 घंटे में भुगतान होना जरूरी
जेएसवाई जननी सुरक्षा योजना के तहत शहरी क्षेत्र में रहने वालीं प्रसूताओं को उनके खाते में एक हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाते हैं। यह राशि प्रसव के 48 घंटे के भीतर उनके खाते में पहुंचाने का प्रावधान है।
मंत्र एप के जरिये पहुंचती है प्रोत्साहन राशि
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंत्र एप के माध्यम से प्रसूताओं के खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जाती है। प्रसव के बाद स्टाफ नर्स प्रसूता का पूरा विवरण एप पर देती है। एप में कई प्रक्रिया से गुजरने के बाद यह राशि लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है।
तीन माह में 470 महिलाओं के प्रसव
हसनपुर। सीएचसी में पिछले तीन माह में करीब 470 महिलाओं के प्रसव हुए। इनमें नार्मल और सिजेरियन दोनों शामिल है। हालांकि पिछले तीन माह से प्रसूता लाभार्थी को भुगतान नहीं मिल पाया है। सीएचसी प्रभारी डाॅ. ध्रुवेंद्र सिंह कहना है कि जिन्हें भुगतान नहीं प्राप्त हुआ है। उन्हें शीघ्र ही भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा।
बजट के अभाव में नहीं हो रहा भुगतान
रहरा/ढबारसी। रहरा सीएचसी में पिछले तीन माह में करीब 480 महिलाओें के प्रसव हुए, लेकिन महिलाओं को दी जानी वाली धनराशि का भुगतान बजट के अभाव में नहीं हो पाया है। जैसे ही बजट प्राप्त होगा, भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, सीएचसी ढबारसी में पिछले तीन माह में 90 से अधिक महिलाओं का प्रसव हुआ। इन्हें धनराशि का भुगतान नहीं हो सका है।
सीएचसी प्रभारी बोले जल्द होगा भुगतान
मंडी धनौरा। सीएचसी में अप्रैल, मई और जून में 254 महिलाओं का प्रसव कराया गया है। करीब 78 प्रतिशत प्रसूताओं जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान हो चुका है जबकि अन्य को नहीं मिल पाया है। सीएचसी प्रभारी डॉ. राहुल का कहना है कि बची लाभार्थियों का जल्द ही भुगतान कराया जाएगा।
गजरौला में 27% को योजना का लाभ नहीं
गजरौला। सीएचसी में अप्रैल, मई और जून में 401 महिलाओं का प्रसव कराया गया। इनमें 73 प्रतिशत प्रसूताओं के खाते में जननी सुरक्षा योजना के तहत राशि आ चुकी है जबकि अन्य को अभी इंतजार है। सीएचसी प्रभारी डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि 15 दिन का ही भुगतान नहीं हुआ है। उसे भी कराने के लिए प्रयास जारी है।