राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र लखनऊ द्वारा मेरा विद्यालय मेरी पहचान कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के दो विद्यालयों का चयन हुआ है। चयनित विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय नीलीखेड़ी और उच्च प्राथमिक विद्यालय शकरगढ़ी शामिल हैं। विद्यालयों का चयन होने पर इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को शिक्षकों ने बधाई दी। चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को परिषद की तरफ से लखनऊ में पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। हालांकि अभी इसकी तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि उल्लेखनीय कार्य करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र लखनऊ द्वारा ‘मेरा विद्यालय मेरी पहचान’ कार्यक्रम पिछले साल 2021 में शुरू किया था। इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अपने विद्यालयों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विवरण मांगा गया था।
इसके तहत जनपद स्तर पर प्राप्त विद्यालयों की प्रविष्टियों में से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा एक प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय का मानक बिंदुओं के आधार पर चयन कर परिषद को भेजा गया था। जिला स्तर पर चयनित प्रविष्टियों का मूल्यांकन राज्य स्तर पर कराया गया।
इस कार्यक्रम में प्रदेशभर में चयनित 100 विद्यालयों की सूची जारी की गई। जिसमें जोया ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नीलीखेड़ी और गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय शकरगढ़ी का चयन हुआ है। दो विद्यालयों का चयन होने पर बेसिक शिक्षा विभाग में खुशी का माहौल है। इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक ममता रानी और नितिन कुुुमार को शिक्षकों ने बधाई दी है। दोनों ही प्रधानाध्यापकों को परिषद की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
विद्यालय की छात्र संख्या, छात्रों की औसत उपस्थिति, अपेक्षित लर्निंग आउटकम्स की संप्राप्ति, बच्चों की खेलकूद व सहगामी क्रियाओं में प्रतिभागिता, सामुदायिक सहयोग, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर खेलकूद की सामग्री, फर्नीचर आदि की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पर्यावरण संरक्षण, शौचालयों की क्रियाशीलता, पुस्तकालय की व्यवस्था एवं क्रियाशीलता, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु किए गए प्रयास आदि बिंदुओं के आधार पर मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा कर विद्यालयों का चयन किया गया है।