हसनपुर(अमरोहा)। गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ी भूमि से संबंधित कार्यों में लापरवाही को लेकर दो राजस्व लेखपालों को निलंबित कर दिया है। उपजिलाधिकारी विजय शंकर ने शासकीय कार्यों में लापरवाही का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है। जिससे अन्य लेखपालों में खलबली मची हुई है।
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेस वे तहसील क्षेत्र से 25 गांवों से होकर गुजरेगा। इस कार्य के लिए यूपीडा द्वारा पूर्व में भूमि का सर्वे कर शासन को इसकी रिपोर्ट सौंपी थी। इसे अंतिम रूप देने के लिए शासन की ओर से तहसीलदार को नामित अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। तहसीलदार भूपेंद्र सिंह 25 गांव के 2284 किसानों की भूमि को नियम अनुसार खरीद कर उन्हें सर्किल रेट से 4 गुना अधिक रेट पर मुआवजा देने की प्रक्रिया की गंभीरता से देखरेख कर रहे हैं। करीब पांच दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा भूमि का सत्यापन कराने के बाद रिपोर्ट यूपीडा के अधिकारियों को सौंपी थी। जिसमें मापतौल में कुछ खामियां पाई गईं थीं। पूर्व में चिह्नित किए गए स्थान सत्यापन के दौरान अलग मिले। इसमें सुधार के बाद ही भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। सुधार के लिए संबंधित लेखपालों को भूमि के गाटा संख्या को बारीकी से चिह्नित कर अंतिम रिपोर्ट शीघ्र बनाकर देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कार्य में कुछ लेखपाल बहुत ढिलाई बरत रहे हैं। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भी लेखपालों का रवैया कार्य के प्रति नहीं सुधार पा रहा है। जिसको लेकर उप जिलाधिकारी की ओर से दो लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उपजिलाधिकारी विजय शंकर का कहना है कि शासकीय कार्यों में लगातार लापरवाही बरतने पर गांव अकबरपुर शर्की पर तैनात लेखपाल अभिषेक गुर्जर और गांव तरारा पर तैनात लेखपाल महेश सक्सेना को निलंबित कर दिया गया है।