गर्मियों का सीजन बिजली विभाग के लिए मुसीबत भरा रहता है। बिजली की बढ़ती डिमांड और ओवरलोड की वजह से आए दिन ट्रांसफार्मर खराब होते हैं, लेकिन अब ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर नहीं फुकेंगे। बिजली विभाग प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर एसएमसी बॉक्स लगवा रहा है। विभाग के अफसरों के मुताबिक ओवरलोड बढ़ने पर सिर्फ फ्यूज बॉक्स ही फुकेगा।
गर्मियों में बिजली की डिमांड बढ़ जाती है। ओवरलोड होने पर आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकते रहते है। ट्रांसफार्मर फुंकने से विभाग को हर साल लाखों रुपये का नुकसान होता है। अब विभाग ने जिले में प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर एसएमसी बॉक्स लगवाने का फैसला किया है। जनपद में अलग-अलग क्षमता के करीब 20 हजार ट्रांसफार्मर हैं। अब इन पर फ्यूज बॉक्स लगाने का काम शुरू हो गया है।
उपखंड अधिकारी राजन कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर पर फ्यूज बॉक्स के साथ स्मार्ट मीटर भी लगाया जा रहा है। एसडीओ ने बताया कि निर्धारित क्षमता से अधिक लोड पड़ने पर ट्रांसफार्मर पर लगे फ्यूज बॉक्स में लगे फ्यूज उड़ जाएंगे। इससे ट्रांसफार्मर फुंकने से बच जाएगा। एक फ्यूज बॉक्स की कीमत 2300 रुपये है, जबकि ट्रांसफार्मर फुंकने पर करीब 35-40 हजार रुपये की लागत आती है। उपखंड अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक घरेलू ट्रांसफार्मर पर स्मार्ट मीटर भी लगाया जा रहा है। इस स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली चोरी रोकी जाएगी। प्रत्येक ट्रांसफार्मर का लोड का आंकड़ा विभाग के पास है। स्मार्ट मीटर के जरिए विभाग को हर समय लगातार आंकड़ा मिलता रहेगा। यदि किसी भी ट्रांसफार्मर पर ओवरलोडिंग होती है। उसकी सूचना तत्काल स्मार्ट मीटर के जरिए विभाग को मिल जाएगी। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उस ट्रांसफार्मर से जुड़े कनेक्शन की जांच करेंगे।
-
बारिश से बिजली की डिमांड हुई कम
करीब एक हफ्ते से हो रही बारिश की वजह से तापमान कुछ कम हुआ है। बिजली की डिमांड भी कम हुई है। मई के महीने व 15 जून तक बिजली की डिमांड बढ़ रही थी। ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर हांफने लगे थे। लो वोल्टेज व ट्रिपिंग की शिकायत से विभागीय अधिकारी आजिज आ चुके थे। लेकिन 15 जून के बाद से बिजली की डिमांड में करीब 20 फीसदी की कमी आई है। उपखंड अधिकारी राजन कुमार ने बताया कि बिजली की मांग 15 से 20 प्रतिशत तक कम हुई है। ट्रांसफार्मर फुंकने की दर में भी 40 फीसदी की कमी आई है।