ब्रजघाट में गंगा पर बने रेल पुल पर दिल्ली से आने वाली ट्रेन जल्द ही 60 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से चलेंगी। डाउन लाइन के गर्डर और पटरी चटक जाने के कारण मार्च 2020 से ट्रेन काॅशन से गुजारी जा रही हैं। चटके गर्डर और पटरियां बदल दी गईं हैं। इसके चलते काॅशन खत्म हो जाएगा। ट्रेन 60 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से दौड़ाई जाएंगी।
ब्रजघाट में दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर गंगा पर रेल का पुल है। जिस पर अप और डाउन की लाइन हैं। जिससे ट्रेन गुजरती हैं। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की लाइन की 1400 मीटर पटरी चटक गई थीं। इसके अलावा 19 गार्डर भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके चलते मार्च 2020 से ट्रेनों की स्पीड कम हो गई। ट्रेनों को काशन से 30 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गुजारा जा रहा है। कई माह से रेलवे ने चटक गईं पटरियों और क्षतिग्रस्त हुए गार्डर बदलवाने का काम कराया। इसके लिए बीच-बीच में कई बार ब्लॉक लेना पड़ा।
डाउन लाइन पर पटरी और गार्डर बदले जाने का काम पूरा हो गया। इसके चलते जल्द ही काशन खत्म हाे जाने की संभावना है। इसके बाद ट्रेनों को 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जाएगा।
डाउन लाइन पर पटरी और गार्डर बदले जाने का काम पूरा हो गया है। अब काशन की जरूरत नहीं रहेगी। लिहाजा दो दिन बाद ही डाउन लाइन पर ट्रेनों को 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजारा जाएगा। अप लाइन पहले से ही दुरुस्त है। उस पर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ रही हैं। - महेंद्र सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ)
18 घंटे लेट पहुंची काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस
अमरोहा। कोहरे और गाजियाबाद जिले में रेलवे ट्रैक पर काम चलने के चलते ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ रहा है। सोमवार को काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस डाउन अमरोहा में 18 घंटे देरी से पहुंची। जिसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, जबकि काशी एक्सप्रेस अप साढ़े तेरह घंटे देरी से पहुंची। इसके अलावा नौचंदी एक्सप्रेस चार तो सत्याग्रह एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि गाजियाबाद क्षेत्र में ट्रैक पर काम चलने और कोहरे के चलते रेल यातायात बाधित हो रहा है।