अमरोहा/हसनपुर/सैदनगली। जिले में डेंगू और बुखार जान लील रहा है। मंगलवार को डेंगू और बुखार से आशा कार्यकर्ता सहित तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि डेंगू के पांच और बुखार के 289 नए मरीज मिले हैं। जनपद में बिगड़ते हालातों को संभालने में सेहत विभाग फेल हो गया है।
हसनपुर क्षेत्र के गांव दाउदपुर निवासी प्रवेश देवी (35) आशा कार्यकर्ता थी। उन्हें पिछले पंद्रह दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों के मुताबिक शुरू में टाइफाइड की हुआ था। बाद में परिजन उपचार के लिए मेरठ ले गए। जहां सोमवार की रात उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों ने उसे डेंगू की पुष्टि की थी। मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका ने अपने पीछे दो बेटी और एक बेटा छोड़ा है। जबकि सीएचसी अधीक्षक डा. अमित बरू का कहना है कि बुखार के बाद आशा कार्यकर्ता को टाइफाइड हो गया था। आंत फटने से मौत हुई है।
उधर, क्षेत्र के गांव सिहाली जागीर निवासी वसीम (23) को कई दिन से बुखार रहा रहा था। परिजन उसे उपचार के लिए मेरठ ले गए। जहां सोमवार की रात मौत हो गई। युवक की करीब एक साल पहले शादी हुई थी। पत्नी और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुराहाल है। वहीं सैदनगली क्षेत्र के इंकौंदा निवासी ताहिर (19) की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई। उसे चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों में कोहराम मचा हुुआ है।
सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि जनपद के सभी सरकारी अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी में 3469 मरीज देखे गए। इनमें डेंगू के 5, बुखार के 289, टाइफाइड के 4, डायरिया के 29 मरीज मिले हैं। वहीं कोविड-19 जांच के लिए 1290 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।