ईद-उल-फितर में एक या दो दिन ही बाकी हैं। ऐसे में घर-घर में ईद की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। ई से पहले बाजारों में ईद की रौनक नजर आ रही है। बाजार की हर दुकान पर ग्राहकों की लाइन लगी है। रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर महंगाई की मार पड़ी है। लेकिन महंगाई पर आस्था भारी पड़ रही है। इसलिए बाजार में खरीदारों की भीड़ कम नहीं दिख रही। कपड़ा और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर भीड़ देखी गई।
इसलाम में ईद के त्योहार की बहुत अहमियत है। इस महीने में 29 या 30 रोजे रखे जाते हैं। इसे बरकतों का महीना कहा गया है। धर्म के मानने वालों का कहना है कि रमजान में जो एक रुपये खर्च करता है, अल्लाह उसको सत्तर गुना देता है। अधिक सवाब मिलने की वजह से माह रमजान में लोग खुलकर खर्च करते हैं। शनिवार को कपडे़, जूते, इतर आदि सामानों की खरीददारी करते दिखाईं दिए। सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखी गईहै। दुकानदारों का कहना भले ही महंगाई बढ़ी है, लेकिन उसके बावजूद लोग जमकर ईद की खरीददारी कर रहे हैं। दुकानदार इकबाल, नानक और जितेंद्र सिंह का कहना है कि पिछली साल की अपेक्षा इस बार खरीददारी ज्यादा हो रही है। हालांकि महंगाई की वजह से लोग बच्चों और अपने लिये जरूरत के मुताबिक ही सामान खरीद रहे हैं।