लोगों की जान ले रहे सांड़ पकड़ने की बजाए जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए क्षेत्र में सांड़ ही नहीं होने की बात कह रहे हैं, जबकि सांड़ खुलेआम क्षेत्र में घूम रहा है। वहीं महिला प्रेमवती की मौत ब्रेन हेमरेज से होना बता रहे हैं। सांड़ के हमले में महिला की मौत के बाद शनिवार को गांव पहुंचे अफसरों का कहना कि प्रेमवती के परिजनों ने भी उसकी मौत ब्रेन हेमरेज से होना बताते हुए लिखकर दिया है।
गादीखेड़ा की मंढैया गांव में शुक्रवार को सांड़ के हमले से प्रेमवती (60) नामक महिला की मौत हो गई थी। ग्राम प्रधान समेत परिजनों ने भी महिला की मौत का कारण सांड़ द्वारा हमला किए जाने की बात कही थी। शनिवार को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भागेश सिंह व एडीओ पंचायत रामचंद्र अपनी टीम के साथ शनिवार को गांव पहुंचे। टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी घटना पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे। पशु चिकित्सक का कहना था कि उनको तलाश करने पर भी सांड़ नजर नहीं आया। उनका कहना था कि परिजनों ने बताया है कि प्रेमवती की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई है। जबकि सांड़ गांव के मुन्ना के खेत में खुलेआम घूमता नजर आया। मुन्ना ने बताया कि बृहस्पतिवार को सांड़ ने उस पर हमला करने का प्रयास किया था। उसने साइकिल छोड़कर पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। गांव के लखमी व पूर्व प्रधान के पति शौनाथ ने बताया कि सांड़ बेहद आक्रामक हो गया है। उनका कहना था कि प्रेमवती की मौत सांड़ के हमले से ही हुई है। क्षेत्र के गांव सैरकपुर में भी जंगबहादुर की मौत सांड़ के हमले से हुई थी।
तपती गरमी में छुटटा पशु हिंसक होते जा रहे हैं। बीते पांच दिन में छुटटा पशुओं के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है। छुट्टा पशुओं के हिंसक होने की वजह से किसान अब टोली बनाकर रात में अपने खेतों की रखवाली कर रहे हैं। ग्राम कमेलपुर, ताजपुर, मोहददीनपुर, लाडनपुर आदि में किसान अब छुट्टा पशुओं से बचने के लिए टोली बनाकर अपने खेतों पर जा रहे हैं। कमेलपुर निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि छुट्टा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष सौवीर सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि छुटटा पशुओं की समस्या को लेकर शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।