अमरोहा। आधार कार्ड बनवाना और संशोधन करना मुसीबत से कम नहीं है। व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे जिले में ध्वस्त नजर आ रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी लोग तड़के से ही डाकघरों के बाहर लाइन में तो लग जाते हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। कुछ ही लोगों को फार्म दिया जाता है, जबकि बाकी को टरकाया जा रहा है।
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कहने को जिले में एक मुख्य डाकघर समेत 17 उपडाक घरों पर आधार बनाए जाने की सुविधा उपलब्ध है, जबकि सच्चाई कुछ और ही है। अमरोहा नगर, मंडी धनौरा, गजरौला व हसनपुर में लगभग एक जैसी ही स्थिति है। कई लोग तो आधार कार्ड बनने की आस में पूरा-पूरा दिन डाकघरों के बाहर ही गुजार देते हैं। सोमवार को जिलेभर में पड़ताल की गई तो लोग बेबस नजर आए।
तड़के में पहुंच गए, शाम तक किया इंतजार अमरोहा। नगर में मुख्य डाकघर स्थित है। यहां हर रोज सुबह छह बजे से ही लोगों की लाइन लग जाती है। लेकिन, दस बजते-बजते 40 लोगों को ही फार्म दिया जाता है। जिनमें 20 पुरुष तो 20 महिलाएं शामिल होती हैं। बाकी को अगले दिन या फिर सुबह छह बजे से भी पहले आने को कहा जाता है।
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सोमवार को भी यही हाल रहा। वहीं, जिन लोगों को फार्म दिया गया। वह भी पूरे दिन अपने नंबर का इंतजार करते रहे। कार्ड संशोधन कराने आई महिला सोमवती ने बताया कि सुबह छह बजे पहुंच गई, लेकिन दोपहर दो बजे तक भी उसका नंबर नहीं आया। बताया कि पूरा दिन खराब हो गया। वहीं, कुछ लोग अपने बच्चों के आधार कार्ड संशोधन कराने पहुंचे, वह भी दोपहर बाद तक अपने नंबर का इंतजार करते रहे। उनका कहना था कि आधार कार्ड के लिए व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है।
डाकघर में नहीं बन रहे आधार कार्ड, बहाना प्रिंटर खराब गजरौला। अतरपुरा मोहल्ला स्थित डाकघर को आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन उसने एक दिन भी आधार कार्ड बनाने का काम शुरू नहीं किया। जो भी आधार कार्ड बनवाने आता है, उन्हें प्रिंटर खराब बताकर आधार बनाने से इन्कार कर लौटा दिया जाता है। सोमवार दोपहर एक बजे कुछ लोग आधार बनवाने आए। जिनसे यह कहकर आधार बनाने से इन्कार कर दिया कि प्रिंटर खराब है। बीते दिनों बीईओ आरती गुप्ता भी परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के आधार कार्ड बनवाने आई थीं, उनसे भी इन्कार कर दिया गया। पोस्टमास्टर सर्वेश सिंह ने बताया कि प्रिंटर खराब है। जिसके चलते आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं।
बेबस होकर खाली हाथ लौट गए लोग मंडी धनौरा।
नगर में स्टेशन रोड पर स्थित उप डाकघर पर सोमवार सुबह से ही भीड़ लगी रही। यहां 25-25 लोगों को ही फार्म दिया गया। जबकि, अन्य लोगों को कार्ड संशोधन व नए बनाने से मनाकर वापस भेज दिया गया। यह स्थिति हर रोज की है। नगर निवासी वृद्धा चंद्रवती व पट्टी खादर निवासी देवेंद्र ने बताया कि उन्हें भीड़ के बीच जैसे-तैसे फार्म तो मिल गया, लेकिन दोपहर तीन बजे तक भी उनका नंबर नहीं आया।
संशोधन कराने को परेशान हो रहे किसान हसनपुर/ढबारसी/रहरा।
आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हसनपुर, ढबारसी, रहरा के डाकघरों में आधार कार्ड संशोधन का काम चल रहा है, जहां पर रोजाना किसानों की भीड़ लगी रहती है। हसनपुर में किसानों को दो से तीन महीने तक का अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, रहरा में भी किसान परेशान हैं। आदमपुर निवासी किसान मुकेश का कहना है कि आधार कार्ड में संशोधन नहीं होने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फार्मर रजिस्ट्री भी नहीं हो पा रही है।
आधार कार्ड न होने से लटके यह जरूरी काम
- 20 हजार से अधिक राशनकार्डों की ई-केवाईसी
- तीन हजार से अधिक बच्चों की डीबीटी से मिलने वाली धनराशि
- एक लाख से अधिक किसानों फार्मर रजिस्ट्री।
- जिले में कहां-कहां आधार कार्ड बनाने के केंद्र है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही देखा जाएगा कि जो केंद्र आधार बनाने के लिए निर्धारित हैं, वहां सुविधा दी जा रही है या नहीं। यदि जांच में ऐसा होता नहीं पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आधार कार्ड के लिए लोगों को पूरी सुविधा दिलाई जाएगी। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम पूरे दिन किया इंतजार नहीं आया नंबर
- अपने दो बेटों के साथ सुबह छह बजे डाकघर पहुंच गया। एक बेटे पांच तो दूसरा साढ़े तीन साल का है। दोनों के आधार कार्ड में संशोधन करना था। सुबह के समय फार्म तो मिल गया। लेकिन, दो बजे तक उनका नंबर नहीं आया। भूखे प्यासे बच्चे परेशान हैं। पूरे दिन इंतजार के बाद भी उन्हें निराशा हाथ लगी। - कोमल सिंह, गांव शकरपुर
- मैं भी तड़के में ही आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए पहुंच गया था। मौजूदा समय में फार्मर रजिस्ट्री में आधार कार्ड की बहुत जरूरत है। तीन बजे तक अपने नंबर का इंतजार करते रहे। लेकिन, नंबर नहीं आ सका। पूरे दिन डाकघर पर ही बीत गया। - कौशिंदर सिंह, गांव जिरखी