शहवाजपुर डोर के निकट बस में जलकर मरी महिला की गजरौला पुलिस और परिवहन निगम तीन महीने बाद भी पहचान कराने में नाकाम हैं। पुलिस ने यह तो पता लगा लिया कि बस में सवार 57 यात्रियों में कहां से कहां तक का टिकट लिया था, लेकिन महिला के परिजनों तक पहुंचने में नाकाम है।
छह अक्तूबर की देर शाम थाना क्षेत्र में दिल दहलाने वाला हादसा हुआ था। दिल्ली से आ रही गढ़मुक्तेश्वर डिपो की बस शहवाजपुर डोर के निकट आग लगने के बाद खाई में पलट गई थी। बस सवार एक महिला की जलकर मौत हो गई थी, जबकि दंपति और उनका बेटा झुलस गए थे। कई घंटे के बाद आग पर काबू पाया जा सका था। घटना से परिवहन निगम के अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया था। लखनऊ मुख्यालय के प्रधान प्रबंधक अताउर्रहमान व आरएन वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक मुरादाबाद दीपक चौधरी, एआरएम अमरोहा आरके जौहरी व एआरएम मेरठ ने मौके पर पहुंच कर एक-एक चीज की बारीकि से जांच की थी कि किस वजह से हादसा हुआ था। औद्योगिक क्षेत्र में खड़ी की गई बस की भी जांच की थी। घटना को तीन महीने बीत गए, लेकिन थाना पुलिस और परिवहन निगम यह पता नहीं लगा पाई कि मृतका कौन और कहां की रहने वाली थी। थाना प्रभारी विनय कुमार का कहना है कि महिला की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रयास जारी हैं।