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Amroha News: जलस्तर घटा पर कम नहीं हुईं बाढ़ की दुश्वारियां

Mon, 11 Aug 2025 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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गजरौला के दारानगर में भाइयों के राखी बांधने के बाद नाव से घर लौटतीं बहनें। स्रोत ग्रामीण - फोटो : स्रोत ग्रामीण
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अमरोहा। पहाड़ी क्षेत्रों की बारिश मैदानी इलाकों में सितम ढा रही है। इससे गंगा किनारे बसे कई गांव पिछले लगभग एक सप्ताह से बाढ़ की चपेट में हैं। जलस्तर भले ही कम हुआ हो लेकिन लोगों की दुश्वारियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पशुओं के चारे का संकट गहराने लगा है। वहीं, मंडी धनौरा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबने से एक छात्र की जान चली गई है।
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तिगरी में रविवार को गंगा का जलस्तर 200.75 मीटर दर्ज किया गया, जो शनिवार से 35 सेंटीमीटर कम रहा। वहीं खतरे के निशान 202 मीटर से गंगा का जलस्तर 1.25 मीटर दूर रह है।

बिजनौर के गंगा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद अमरोहा में गंगा किनारे बसे गांवों की हालत बदहाल होती जा रही है। हालांकि, गंगा के जलस्तर में पहले से थोड़ी कमी आई है लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों के खाने-पीने के साथ ही पशुओं के लिए चारे की समस्या भी विकराल रूप लेने लगी है। पानी के कारण फसलें तबाह होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
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सैकड़ों बीघा में सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई। बाढ़ के कारण एक तो दिक्कत वैसे ही कम न थी वहीं बिजली विभाग द्वारा मंडी धनौरा क्षेत्र में 17 गांवों की बिजली हादसे की आशंका को देखते हुए काट दी गई। इससे गांव के लोग अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हो गए। न तो इनवर्टर काम कर रहे हैं और न ही उनके मोबाइल चार्ज हो पा रहे हैं जिससे लोगों का संचार का माध्यम भी कट गया है। वहीं, धनौरा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। तिगरी में भी अंतिम संस्कार के लिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में कैंप लगाएंगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें

बाढ़ग्रस्त इलाकों में बीमारी फैलने का खतरा भी सताने लगा है। बुखार व त्वचा संबंधी रोग लोगों को अपनी चपेट में लेने लगे हैं। इससे बचाव के लिए ऐसे गांवों में कैंप का आयोजन किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन गांवों में कैंप लगाने के लिए 13 टीमों का गठन किया गया है जो गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य की जांच करते हुए दवा का वितरण करेंगी।
करीब पांच हजार बीघा गन्ने की फसल पानी में डूबी
गन्ना विभाग के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में गन्ने की फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है। करीब पांच हजार हेक्टेयर गन्ना बाढ़ से प्रभावित बताया जा रहा है। हालांकि सभी फसलों के बाढ़ से प्रभावित होने का आंकड़ा पानी उतरने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गन्ना विभाग की और से इस संबंध में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। साथ ही सब्जियों की फसल भी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुई है जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे दिखाई दे रहीं हैं।

बान व गांगन नदी भी उफान पर
कैलसा/नौगांवा सादात। क्षेत्र में गांगन और बान नदी का कहर भी लगातार बरपा रहा है। कैलसा क्षेत्र में बाढ़ स्थिति आने से कई गांवों का आपस में संपर्क कट गया। फसलें भी प्रभावित हो गई है। वहीं, नौगांवा क्षेत्र में भी बान नदी उफान पर है। इससे कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गई है जबकि कुछ गांवों के पास तक भी बान का पानी पहुंच गया है।

प्रशासन मुस्तैद
आपदा विशेषज्ञ पवन शुक्ला ने बताया कि बाढ़ के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है। लाइफ जैकेट, रस्सी, नाव, गोताखोर भी लगाए गए हैं। राहत शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।
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