गजरौला। सवा लाख रुपये की फिरौती के लिए संभल के पूर्व प्रधान के पुत्र का अपहरण करने व दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने में फंसे दरोगा का दूसरे दिन भी सुराग नहीं मिला। उसका साथी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। वहीं एसपी अमित कुमार आनंद ने हापुड़ एसपी को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया है। साथ ही आरोपी दारोगा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने को कहा है। सिंभावली थाने में तैनात दरोगा नितिन वर्मा मूलरूप से मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र के गांव चंगेरी का रहने वाला है। उसके खिलाफ थाना गजरौला में फिरौती के लिए संभल के ऐंचौड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर गांव के पूर्व ग्राम प्रधान के पुत्र नईम का अपहरण करने की एफआईआर दर्ज है। 11 दिसंबर को उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात काे अंजाम दिया था। प्लाॅट दिखाने के बहाने नईम को निर्माणाधीन पुलिस लाइन के निकट बुलाकर अपहरण कर लिया था। कार में डालकर गजरौला लाए थे। यहां उसे दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने का डर दिखाकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने महिला भी बुला ली थी। जिसे नईम को दिखाकर बताया था कि उसके साथ दुष्कर्म किया है। सवा लाख रुपये लेकर उसे मुक्त किया था।
पुलिस ने नईम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। चार आरोपी गिरफ्तार कर लिए, लेकिन मुख्य आरोपी सिंभावली थाने का दरोगा नितिन वर्मा व उसका साथी नगर के शिवपुरी मोहल्ले का नवीन वर्मा हाथ नहीं लगे थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दूसरे दिन भी सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उनका सुराग नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि दोनों की धर पकड़ के लिए टीम लगी है। संवाद