मंडी धनौरा। गांव कैसरा में खेत पर काम करते समय वीरवती (42) को सांप ने डस लिया। घटना बृहस्पतिवार सुबह की है। अंधविश्वास के चलते परिजन करीब दस घंटे तक झाड़फूंक से महिला का इलाज कराते रहे लेकिन महिला की तबीयत और बिगड़ गई। वह अचेत हो गई और कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह महिला के शव को जल बहा दिया गया।
मंडी धनौरा के गांव कैसरा निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य बाबू सैनी की पत्नी वीरवती बृहस्पतिवार सुबह खेत पर गई थी। काम करते समय वीरवती को सांप ने डस लिया। महिला ने साथ में काम कर रहे परिजनों को इसकी जानकारी दी। अंधविश्वास के चलते परिजन महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में ही एक महिला के पास ले गए जो झाड़फूंक का काम करती हैं।
करीब दस घंटे तक गांव की महिला झाड़फूंक से वीरवती का इलाज करती है लेकिन उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ने लगी और कुछ देर बाद वह अचेत हो गई। इसके कुछ देर बाद ही वीरवती की जान चली गई।
अस्पताल लाते तो बच सकती थी जान
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि परिजन महिला को अस्पताल लाने की बजाय झाड़फूंक कराने वालों के पास ले गए जिससे उसकी मौत हो गई। लोगों को चाहिए कि सर्पदंश की घटना के तुरंत बाद मरीज को अस्पताल लेकर आए ताकि मरीज की जान बचाई जा सके। अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नके वेनम उपलब्ध है।
उधर, ग्राम प्रधान रूद्रप्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने व कई अन्य लोगों ने महिला को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए कहा था लेकिन परिजनों ने किसी की बात नहीं मानी। परिजन समय से अस्पताल ले गए होते तो वीरवती की जान बचाई जा सकती थी।
हसनपुर में भी इस तरह किसान की जा चुकी है जान
गांव गुरैठा में किसान श्योदान सिंह (60) को मंगलवार रात सांप ने डस लिया था। घटना के समय वह जंगली जानवरों से फसलों की रखवाली करने के लिए खेत पर बनी मचान पर सो रहे थे। मचान से उतरकर श्योदान सिंह किसी तरह घर पहुंचते थे और परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। वहीं, परिजन उनको अस्पताल ले जाने के बजाय अनुपशहर क्षेत्र में झाड़फूंक कराने वालों के पास ले गए थे जिससे उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई थी। इस पर परिजन उन्हें मेरठ के एक अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां बुधवार दोपहर उनकी मौत हो गई थी।
सो रहे मौसी-भांजे को सांप ने डसा
हसनपुर। दूसरी मंंजिल पर बने छप्पर में चारपाई पर सो रहे मौसी और भांजे को सांप ने डस लिया जिससे दोनों की हालत बिगड़ गई। दोनों को सीएचसी में एंटी स्नैक वैनम की डोज लगाई गई। वहीं, भांजे को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
गांव लठीरा माफी में किसान समरपाल सिंह का परिवार रहता है। समरपाल सिंह का धेवता हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के नया गांव निवासी नवनीत (13) उन्हीं के घर पर रहकर पढ़ रहा है। वह गांव के ही स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता है। बृहस्पतिवार रात को समरपाल सिंह की 20 वर्षीय अविवाहित बेटी सीमा भांजे नवनीत के साथ घर के छत पर बने छप्पर में चारपाई पर सो रही थी।
घर के पीछे खेत हैं। रात करीब दो बजे सीमा के पैर में सांप ने डस लिया। सीमा ने जैसे ही सांप को झटका तो सांप नवनीत की पेंट में घुस गया और उसकी जांघ के पास डस लिया। शोर सुन छत पर पहुंचे परिजनों ने सांप को पेंट से निकाला गया। इस दौरान सांप की मौत भी हो गई। उधर, परिजन गंभीर हालात में मौसी-भांजे को सीएचसी लेकर पहुंचे जहां डॉ. मुदित कुमार ने दोनों को एंटी स्नैक वैनम भी लगाई। इसके बाद सीमा की हालत में सुधार हो गया लेकिन नवनीत को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है। सीएचसी प्रभारी डा.ध्रवेंद्र सिंह ने बताया कि सर्पदंश के शिकार मौसी भांजे को एंटी वैनम की डोज दी गई है।