हसनपुर/रहरा (अमरोहा)। देहरादून में आई आपदा के बाद नदी में बहे गांव रहरा निवासी पुष्पेंद्र व पीतम के शव बृहस्पतिवार रात को मिल गए। पुष्पेंद्र का शव हरियाणा व प्रीतम का शव सहारनपुर के पास मिला। दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मंगलवार तड़के करीब 5:18 पर भारी बारिश व बादल फटने के बाद रहरा निवासी पुष्पेंद्र, पीतम व पंकज बह गए थे। पंकज का शव पांच घंटे बाद ही मिल गया था।
रहरा गांव व आसपास के गांव के 11 मजदूर रक्षाबंधन से दो दिन बाद देहरादून के बाजावाला गांव में मजदूरी करने गए थे। परिजनों के मुताबिक वहां स्पिना नदी से बजरपुट निकाला जा रहा था जहां सभी काम करते थे। मंगलवार तड़के करीब 5:18 बजे भारी बारिश और बादल फटने से नदी में बाढ़ आ गई थी। इससे नदी में काम करते समय रहरा निवासी पुष्पेंद्र (20), पीतम (22) व पंकज (27) बह गए थे। पांच घंटे बाद पंकज का शव मिल गया था।
देहरादून में ही पंकज के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। वहीं बृहस्पतिवार रात सहारनपुर के पास प्रीतम का शव और हरियाणा के पास पुष्पेंद्र का शव मिला। शुरू में शव की शिनाख्त करने में परिजनों को परेशानी हुई लेकिन बाद में शवों की पहचान कराई गई। पुष्पेंद्र के भाई हरिराज ने बताया कि प्रीतम के शव का पोस्टमार्टम हरियाणा में कराया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव रहरा के लिए ले जाया जा रहा है जबकि पुष्पेंद्र के शव का शुक्रवार सुबह को सहारनपुर में पोस्टमार्टम किया जाएगा।
शव मिलने पर परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
नदी में बहने के तीन दिन बाद पुष्पेंद्र और प्रीतम का शव मिलने पर परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। पुष्पेंद्र तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था जबकि प्रीतम चार भाइयों में सबसे छोटा था। दोनों की अभी शादी नहीं हुई थी। तीन दिन से तलाश में लगे पुष्पेंद्र के पिता प्यारेलाल और भाई देवेंद्र बृहस्पतिवार रात गांव रहरा लौट आए हैं। सदमे में भाई देवेंद्र की तबीयत भी खराब हो गई है जबकि पिता यह सदमा सहन नहीं कर पा रहे हैं।