नगर पालिका की पूर्व ईओ दीपिका शुक्ला द्वारा पालिकाध्यक्ष के पति और पूर्व विधायक हरपाल सिंह पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दायर की गई याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ईओ पूर्व विधायक के खिलाफ सबूत पेश नहीं कर पाईं। आरोप तथ्यहीन पाए गए। यह जानकारी पालिकाध्यक्ष पति के वकील ने मीडिया से वार्ता करते हुए दी।
रविवार को पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी के पति व पूर्व विधायक हरपाल सिंह और उनके वकील डॉ. रविंद्र शुक्ला ने प्रेस वार्ता की। वकील ने बताया कि पूर्व ईओ दीपिका शुक्ला ने पालिकाध्यक्ष और उनके पति पर मानसिक रूप से उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसे हाईकोर्ट के वकील शांतिधर द्विवेदी ने दायर किया था। इसकी जानकारी होने पर पालिकाध्यक्ष व उनके पति की ओर से सीएससी, ज्योति सिंह, राहुल शर्मा, सत्यदीप गौतम व विजित सक्सेना वकील हाईकोर्ट में खड़े किए गए।
न्यायाधीश अजय भनौट की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पालिकाध्यक्ष व उनके पति पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। कोर्ट ने कहा कि ईओ ने आरोप सिद्ध करने के लिए कोई सबूत कोर्ट में पेश नहीं किए हैं। इसलिए उनकी याचिका खारिज की जाती है।
पालिकाध्यक्ष के पति ने कहा कि ईओ चार महीने पालिका से गैरहाजिर रही थीं। लेकिन, इसके बावजूद उन्होंने चार माह का वेतन निकाल लिया। यह गलत है। उनसे वेतन वसूली के लिए नगर विकास विभाग को पत्र लिखा जाएगा।