अमरोहा। नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को बंधक बनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच में सामने आया है कि गिरोह के मास्टरमाइंड संदीप ने अपने कारोबार को वैध दिखाने के लिए आयकर विभाग में कृत्रिम ज्वेलरी और खाद्य सामग्री के नाम से फर्म का पंजीकरण कराया था। 4 नवंबर 2025 को आयकर विभाग में फर्म का पंजीकरण कराया गया।
आयकर विभाग के रिकॉर्ड में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान फर्म का 13 लाख का टर्नओवर दर्शाया गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 2.5 लाख का कारोबार दिखाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लेनदेन का नौकरी के नाम पर की गई ठगी से कोई संबंध है या नहीं। वित्तीय लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
शुक्रवार को गजरौला पुलिस ने भारत एसोसिएट नाम से संचालित कथित फर्जी कंपनी पर छापा मारकर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान 15 युवकों को बंधनमुक्त कराया गया। मौके से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 20 आवेदन पत्र, कूटरचित स्टांप पेपर, रजिस्टर, डायरी तथा 39500 नकद बरामद किए गए थे। पुलिस को बरामद डायरी में विभिन्न राज्यों के युवाओं के नाम, मोबाइल नंबर और लेनदेन का ब्योरा मिला है। अब पुलिस इन लोगों से संपर्क कर संभावित पीड़ितों की पहचान कर रही है।
आशंका है कि गिरोह देशभर के सैकड़ों युवाओं को अपना शिकार बना चुका है या उन्हें ठगी के जाल में फंसाने की तैयारी कर रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में गिरोह का नेटवर्क उत्तराखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक, असम, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों तक फैला मिला।
मास्टरमाइंड संदीप सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से बेरोजगार युवाओं से संपर्क करता था। नौकरी का झांसा देकर उन्हें अमरोहा बुलाया जाता था और विभिन्न शुल्क के नाम पर उनसे रकम वसूली जाती थी।
मामले में गिरफ्तार आरोपी अनुज, अरुण शर्मा, फहीम अहमद, चंद्रपाल, रूपेंद्र कुमार, अजीत चौधरी, राजेंद्र सिंह, अभिषेक कुमार और रोहित सिंह को जेल भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अब तक 10 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कर चुकी है। आयकर विभाग के उपायुक्त महेश चंद ने भी फर्म के पंजीकरण और उसके घोषित टर्नओवर की पुष्टि की है।