हसनपुर (अमरोहा)। गांव सतेड़ा चक की मढ़ैया में 27 मई को भ्रूण लिंग जांच मामले का मुख्य आरोपी देवेंद्र के खिलाफ नौ माह पहले भी भ्रूण लिंग जांच के एक मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उस मामले में जनवरी में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
हरियाणा के झज्जर के पीसीपीएनडीटी टीम प्रभारी डॉ. संदीप कुमार और अमरोहा के एसीएमओ डाॅ. जसकरन गंगवार की टीम ने संयुक्त रूप से 27 मई छापा मारकर गांव सतेड़ा चक की मढ़ैया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर से भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ किया था। मौके से तीन गर्भवती महिलाएं, झज्जर के रवींद्र और हसनपुर के करनखाल निवासी विपिन और करनखाल निवासी देवेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा मौके से पोर्टेबल मशीन व एक लाख 33 हजार रुपये बरामद किए गए थे। इस प्रकरण में सीएचसी हसनपुर के प्रभारी डाॅ. ध्रुवेंद्र सिंह की तहरीर पर हरियाणा के झज्जर निवासी रविंद्र सिंह उर्फ पोनी, हसनपुर के करनखाल निवासी मुख्य आरोपी देवेंद्र और विपिन, हरियाणा के झज्जर निवासी रवि, सजनी क्लीनिक की संचालक अनीता, चक की मढ़ैया निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुधा व उसके पति अमर सिंह, सोनीपत निवासी प्रकाश, साहलावास झज्जर निवासी गौरव व परवीन समेत तीनों गर्भवतियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में फरार सात आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी का कहना है कि मुख्य आरोपी देवेंद्र पर अगस्त 2025 में भी मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में जनवरी में ही पुलिस ने चार्ज शीट दाखिल कर दी थी।