अमरोहा के आम का स्वाद आसपास ही नहीं, बल्कि देश दुनिया के लोगों को अपना मुरीद बनाए हैं। यहां से आम का निर्यात कई देशों में होता है। अमरोहा में लगभग 12 हजार हेक्टेयर जमीन में आम के बाग हैं। इनमें अलग-अलग प्रजातियों के आम लोगों को अपना मुरीद बनाए हैं। अमरोहा में आम की पैदावार व निर्यात को देखते हुए ही प्रदेश सरकार ने यहां इंटीग्रेटेड मैंगो पैक हाउस का निर्माण कराया था।
इसमें लगी मशीनों को पिछले दिनों एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) की ओर से भी हरी झंडी मिल चुकी है। जिसके बाद यहां से आम के निर्यात का रास्ता साफ हो गया। वहीं, अब जापान के लिए भी यहां से आम का निर्यात शुरू होने की उम्मीद है।
मंडी सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि सोमवार को एपीडा के सहयोग से जापान के एमएएफएफ ऑर्गेनाइजेशन की कैमिकल एंड फिजिकल कंट्रोल लेबोरेट्री की रिसर्च डिवीजन से यशुहीरो इशीगे और एपीडा दिल्ली से सहायक प्रबंधक संदीप सिंह तथा वाराणसी से शुभम राय तथा अनुवादक के रूप में एस झा सोमवार को मैंगो पैक हाउस पहुंचे।
सेंसर जांचा, ट्रायल आज
टीम ने वीएचटी यूनिट यानी वेपर हीट ट्रीटमेंट यूनिट के सेंसर कैलिब्रेशन को परखा। जिसके बाद आज आम का ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद अमरोहा से जापान के लिए आम के निर्यात का रास्ता साफ हो जाएगा। इस दौरान टीम के साथ मंडी परिषद के डिप्टी डायरेक्टर आलोक निधि रंजन, जेई हर्षित गंगवार, उपनिदेशक प्रशासन व विपणन अविनाश चंद्र मौर्य व सभापति मसीहा नजम मौजूद रहे।
ट्रायल के लिए आंध्र प्रदेश से मंगाया गया 1200 किलो आम
फिलहाल अभी यहां आम का सीजन नही है। पेड़ों पर बोर के बाद आम के बनने की शुरुआत हुई है। लेकिन दक्षिण भारत में यहां से पहले आम की फसल आना शुरू हो जाती है। लिहाजा टीम के ट्रायल के लिए आंध्र प्रदेश से बेगनपल्ली प्रजाति का 1200 किलो आम मंगवाया गया है। जिस पर आज जापानी टीम द्वारा ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल के सफल होने के बाद अमरोहा के आम को जापान में भी पहचान मिल सकेगी।