अमरोहा। आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद नाम बदलकर निकाह करने वाला सिपाही सोमवार को दिनभर पुलिस लाइन की बैरक में रहा। उसने अपना फोन भी बंद कर लिया। साथ लोगों से मिलने में भी दूरी बनाई। जबकि, दुल्हन मायके में रह रही है। उधर, डिडौली कोतवाली पहुंची छात्रा ने आर्य समाज में शादी के आधार पर खुद को अनुसूचित जाति से बताया। छात्रा ने कस्बे के ही युवक पर छेड़खानी व जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
छात्रा ने सितंबर 2024 में डिडौली कोतवाली में सिपाही के खिलाफ तहरीर दी थी। जिसमें उसने सिपाही पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर तत्कालीन एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने सिपाही को निलंबित कर दिया था। इसके बाद सिपाही जनवरी में बहाल हो गया था। मामले में पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। जबकि, बजरंग दल मेरठ प्रांत के प्रांत गोरक्षा प्रमुख हेमंत सारस्वत ने पूरे मामले की जांच करने की मांग की है।
उनका आरोप है कि सिपाही पर धर्म परिवर्तन करने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। सिपाही का नाम भी बदल दिया गया। धर्म परिवर्तन करने की कोशिश के मामले में पुलिस को जांच करनी चाहिए। उधर, सोमवार को मां के साथ डिडौली कोतवाली पहुंची छात्रा ने अपने सिपाही पति के बारे में जानकारी ली। साथ ही पति को उसके हवाले करने की मांग की। इसके बाद डिडौली पुलिस ने उसे पुलिस लाइन के लिए भेज दिया। लेकिन, वह सोमवार देर शाम तक पुलिस लाइन नहीं पहुंची थी।
सिपाही ने निमंत्रण कार्ड में अपना और पिता का नाम बदलवाया
शुक्रवार को जिले के व्हाट्सएप ग्रुप पर शादी का अलग-अलग दो कार्ड वायरल हुए थे। दोनों ही निमंत्रण में सिपाही के अलग-अलग नाम थे। निमंत्रण कार्ड सिपाही पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा का है, जिसमें 13 अप्रैल को छात्रा की बरात आने के बाद उसकी विदाई और उसी कार्ड में 14 अप्रैल को छात्रा के भाई की शादी का जिक्र है। लेकिन, एक कार्ड में सिपाही और उसके पिता का नाम बदला हुआ है, जबकि पता सिर्फ अमरोहा जिला दर्शाया गया है। रविवार को परिजनों के साथ गांव पहुंचे सिपाही ने अपना और अपने पिता का नाम बदलकर छात्रा के साथ निकाह कर लिया।