हसनपुर (अमरोहा)। गंगा के घाट पर चिता सजी हुई थी, जिस पर गांव रुखालू निवासी सिपाही सचिन कुमार का शव था। आसपास मौजूद परिजनों की आंखें बरस रही थीं। महज 29 साल की उम्र में सचिन के दुनिया छोड़ जाने की पीड़ा हर ग्रामीण की जुबान पर थी। इस हृदय विदारक दृश्य के बीच अचानक खबर मिली की सचिन की पत्नी भानु ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया है। यह सुनते ही हर कोई चौंक गया। परिजन अवाक रह गए कि घर आई नन्ही परी का स्वागत करें या सबके दुलारे सचिन को हमेशा के लिए विदाई दें। ग्रामीणों के सहयोग से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया।
गंगा के तट पर यह दृश्य मंगलवार की शाम करीब 4.15 बजे का था। छोटे भाई पवित्र कुमार ने सचिन को मुखाग्नि दी। परिजनों ने बताया कि अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार यही वक्त उस बिटिया के जन्म का है, जिसके स्वागत की तैयारियां सचिन काफी उत्साह से कर रहे थे लेकिन उसके जन्म की खुशी में शामिल नहीं हो सके। दरअसल रामपुर में सिपाही के पद पर तैनात सचिन की सोमवार रात सड़क हादसे में जान चली गई थी। घटना के समय वह चंदौसी के गणेश चौथ मेले से ड्यूटी कर रामपुर लौट रहे थे। मिलक से गुजरते समय बाइक में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर के कारण सचिन की जान गई थी।
सचिन की पत्नी भानु भी सिपाही हैं। उनकी तैनाती भी रामपुर जिले में है। दो साल पहले दोनों की शादी हुई थी। घर में पहले बच्चे के जन्म की आहट के बाद से पति-पत्नी उत्साहित थे लेकिन इस बीच अचानक पति के न रहने की सूचना ने भानु को तोड़कर रख दिया। परिजनों ने बताया कि सचिन की जुदाई के बाद से रोते-रोते गर्भवती भानु की तबीयत बिगड़ने लगी थी। इसी बीच प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने भानु को अमरोहा के अस्पताल में भर्ती करा दिया, जबकि सचिन के अंतिम संस्कार के लिए परिवार के सभी पुरुष गंगा घाट जा पहुंचे। वहीं प्रकृति के इस अजब-गजब संयोग की जानकारी फोन से मिली।
सचिन के भाई और लेखपाल बॉबी गौतम ने बताया कि जिस समय सचिन का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, उसी समय उनकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। परिवार के लिए यह दिन सचिन की अंतिम विदाई के साथ नवजात बेटी के जीवन की शुरुआत के रूप में हमेशा याद रहेगा।