लापरवाही से वाहन चलाकर मजदूर को मारने के दोषी चालक को न्यायालय में दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह मामला अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के आजाद रोड का है। 19 अक्तूबर 1993 दिलशाद उर्फ सरदार, शरीफ अहमद, मोहम्मद आलम और शाहनवाज अपनी साइकिलों से आईएम इंटर कॉलेज चौराहे की तरफ से आ रहे थे। जब वह आजाद रोड पर बेगम सराय खुद के मोड़ पर पहुंचे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने दिलशाद की साइकिल में टक्कर मार दी थी। हादसे में दिलशाद गंभीर रूप से घायल हो गया था।
जबकि आरोपी चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया था। स्थानीय लोगों की मदद से दिलशाद को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया था। उपचार के दौरान दिलशाद की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में आरोपी चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने लापरवाही से कार चलाने वाले शाकिर अली निवासी मोहल्ला नल नई बस्ती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। यह मुकदमा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी की अदालत में विचाराधीन चल रहा था।
बुधवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी कृष्ण प्रताप यादव ने पैरवी की। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दिलशाद को दोषी करार दिया और दो साल की सजा सुनाई। साथ ही 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।