गजरौला (अमरोहा)। भतीजे का मुंडन संस्कार कराने के दौरान गंगा में बहे अनुज का भी शव मंगलवार सुबह 11:15 बजे मिल गया। वह कक्षा दस में पढ़ता था। सुबह से ही पीएसी जवान व गोताखोर तलाश कर रहे थे। गढ़ावली के सामने ब्रजघाट के पास गंगा से गोताखोर ने शव निकाला। वह बीच धार में कबाड़ में फंसा था। वहीं, दो भाइयों ओमकार और बंटी के शव सोमवार शाम को ही गंगा से निकाल लिए गए थे।
अमरोहा के दानिशमंदान मोहल्ला निवासी अनुज, ओमकार और बंटी 27 अगस्त को तिगरी गंगा में बहे गए थे। तीनों भाई आठ माह के भतीजे विनायक का मुंडन संस्कार कराने आए थे। बंटी और ओमकार के शव करीब छह दिन बाद सोमवार शाम सात बजे तिगरी के सामने वहीं पर मिले थे, जहां वह डूबे थे जबकि सबसे छोटे अनुज का शव निकालते समय बह गया था। अंधेरा होने पर वह मिल नहीं सका था। मंगलवार सुबह से ही स्थानीय गोताखोर ओमपाल, मिंतर ठाकुर और पीएसी के जवान उसे तलाश करने के लिए मोटर बोट लेकर गंगा में उतर गए।
वह तलाश करते हुए गढ़ावली गांव के सामने ब्रजघाट के पास पहुंचे। अनुज का शव सुबह 11:15 बजे गंगा की बीच धार में कबाड़ में फंसा मिला। गोताखोर शव को तिगरी लेकर पहुंचे जहां शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मंडी धनौरा तहसीलदार मूसाराम ने बताया कि गंगा में बहा तीसरा भाई का भी शव मिल गया है। यह रिपोर्ट उन्होंने एसडीएम सदर को भिजवा दी है।
हाथ पर गोदे गए टैटू से की पहचान
अनुज का शव सात दिन बाद मंगलवार को मिला। शव पूरी तरह फूल गया था। जब गोताखोर व पीएसी जवान तिगरी सामने लेकर आए तो यहां पर इंतजार कर रहे परिजनों ने उसके हाथ पर गोदे गए टेटू को देख उसकी पहचान अनुज के रूप में की।