बागपत के सिंहावली अहीर थाना क्षेत्र के गांव हिसावदा निवासी शौकीनपाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह परिवार सहित बिजनौर में रहते हैं। उनके बेटे अमित की शादी संभल के नखासा क्षेत्र के बड़ा ताजुद्दीन निवासी सुरेंद्र उर्फ पप्पू की बेटी शालू से हुई थी। उनका बेटा पत्नी शालू और छह वर्षीय बेटे अमन के साथ गजरौला के अतरपुरा मोहल्ले में बने घर में रहता था। शालू के माता-पिता अतरपुरा में ही आश्रम वाली गली के पास रहते हैं। आरोप है कि अमित को पत्नी शालू, ससुर सुरेंद्र उर्फ पप्पू, साला हिमांशु व सास पिंकी प्रताड़ित करते थे। उनके तानों से तंग आकर अमित ने रविवार रात 12.30 बजे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पाकर वह रात में घर पहुंचे तो दरवाजे अंदर से बंद थे। दरवाजा तोड़कर बेटे का शव फंदे से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने उनकी तहरीर पर पत्नी सहित केस दर्ज कर लिया। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने कराए पत्नी को अंतिम दर्शन
सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे का शव पोस्टमार्टम कराकर सोमवार दोपहर बाद नगर में लाया गया। यहां पर उसकी पत्नी ने अंतिम दर्शन करने की मांग रखी, लेकिन पत्नी और परिवार वालों को खुदकुशी के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे सेवानिवृत्त दरोगा और परिजनों ने अंतिम दर्शन कराने से साफ इनकार कर दिया। जिस पर युवक की पत्नी शालू थाने गई। पुलिस के हस्तक्षेप पर उसे पति के अंतिम दर्शन कराए गए।
रात में पत्नी पानी पीने उठी तो घटना का पता चला
अमित की पत्नी ने बताया कि रविवार रात अमित अंदर कमरे में सोए थे, जबकि वह छह वर्षीय बेटे के साथ बाहर कमरे में थीं। रात 12.30 बजे प्यास लगने पर पानी पीने के लिए उठीं। पति ने अंदर से दरवाजा बंद कर रखा था। आवाज लगाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर अपने पिता सुरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू को फोन कर सूचना दी। वह तुरंत बेटी और दामाद के घर गए। उन्होंने भी काफी आवाज लगाईं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने दरवाजा तोड़कर पुलिस ने शव को नीचे उतारा।